भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने सोमवार को अनाजमंडी में गेहूं खरीद का शुभारंभ किया। लेकिन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से खरीद करवाने के चक्कर में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सभी नियम कायदों को ताक पर रख दिया। भाजपाइयों की हड़बड़ी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गेहूं खरीद के शुभारंभ जैसे महत्वपूर्ण मौके पर डीसी-एडीसी स्तर का एक भी अधिकारी मौजूद नहीं रहा।
इतना ही नहीं, अनाजमंडी में जिस दुकान से खरीद कार्य का शुभारंभ किया गया, उसके ठीक सामने स्थानीय विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया का भी प्रतिष्ठान था। लेकिन उन्हें भी न्यौता तक नहीं दिया गया। तैयारियां अधूरी थी, लेकिन बराला के आने की सूचना मिलते ही मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने मंडी के बाहर की बदहाल सड़क के गड्ढोें को आनन-फानन में भरने की कोशिश की। पूरी रात कुछेक गड्ढे ही भर पाए, जबकि इस पूरी सड़क पर लगभग एक किलोमीटर तक दो सौ से अधिक गड्ढे हैं।
बीसीपीए तक की नियुक्ति नहीं, अब पांच दिन बाद होगा भुगतान
अनाजमंडी में गेहूं खरीद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बीसीपीए (बिलिंग कम पेमेंट एजेंट) की नियुक्ति के लिए व्यापार मंडल की बैठक पहले से ही मंगलवार को प्रस्तावित है। बीसीपीए ही अनाजमंडी में होने वाली गेहूं खरीद की पेमेंट का भुगतान करता है। ऐसे में सोमवार को जिस गेहूं की खरीद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने करवाई है, उसकी पेमेंट अब लगभग पांच दिन बाद होगी। दरअसल बीसीपीए की नियुक्ति मंगलवार को होनी है और वो अपना कामकाज बुधवार से शुरू करेगा। लेकिन 13 अप्रैल से लेकर 17 अप्रैल तक सरकारी अवकाश रहेगा। इस दौरान गेहूं खरीद का भुगतान नहीं होगा।
किसानों को नहीं मिली कोई सूचना
अनाजमंडी में अभी तक गेहूं की बहुत ज्यादा आवक नहीं हुई थी। मार्केट कमेटी के अधिकारी एक दिन पहले ही गेहूं में नमी ज्यादा होने की बात कर रहे थे और व्यापार मंडल भी वीरवार से ही गेहूं खरीद शुरू करने के संकेत दे रहा था, लेकिन सोमवार को शहर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के आते ही सारे समीकरण बदल गए और आनन-फानन में गेहूं खरीद का शुभारंभ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष द्वारा करवाने के एसएमएस मीडिया को भेज दिए गए। इतना ही नहीं, जिला प्रशासन की ओर से भी मंडी में गेहूं की खरीद शुरू करने का कोई ऐलान पहले से नहीं किया गया था।
इस कारण इलाके के अधिकतर किसानों ने मंडी की बजाए अपने खेतों में ही गेहूं को रिस्क पर रखा हुआ था। अगर प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई पहले घोषणा की गई होती, तो निश्चित तौर पर अनेक किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते। हैरत इस बात को लेकर भी हुई कि गेहूं खरीद जैसे महत्वपूर्ण मौके पर जिला प्रशासन का कोई बड़ा अफसर तक मौजूद नहीं रहा। डीसी, एडीसी और एसडीएम को गेहूं खरीद के शुभारंभ पर बुलाने की परंपरा रही है, लेकिन भाजपाइयों के उतावलेपन के चलते सोमवार को ये परंपरा भी टूट गई।
बराला के जाते ही उखड़ गया दो घंटे पहले भरा गया गड्ढा
अनाजमंडी में जाने के लिए लाल बत्ती से सिटी नर्सिंग होम तक का सबसे प्रमुख सड़क है। इस सड़क पर मंडी के तीन गेट पड़ते हैं। लाल बत्ती से लेकर भट्टूु रोड पर मंडी के बाहर सड़क इतनी बदतर हालात है कि कोई साइकिल सवार भी यहां से नहीं गुजर सकता। इसको लेकर पहले भी मार्केट कमेटी को चेताया गया था लेकिन सोमवार दोपहर को लाल बत्ती व कमेटी कार्यालय के बीच जल्दबाजी में गड्डे के ऊपर बजरी बिछाकर औपचारिकता निभाई गई ताकि बराला की गाड़ी मंडी में प्रवेश कर सके। बराला के निकलने के महज आधे घंटे के बाद ही वो पैच उखड़ गया।
मंडी में बैठे स्थानीय विधायक ने सुविधाओं पर उठाए सवाल
अनाजमंडी में ही फतेहाबाद के स्थानीय विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया का कार्यालय है। लेकिन ना तो व्यापार मंडल और ना ही प्रशासन की ओर से उन्हें न्यौता दिया गया। इस बारे में बात करने पर स्थानीय विधायक बलवान सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपाई फोटो खिंचवाने के लिए सबसे आगे होते हैं। बेहतर होता कि वे मंडी की सुविधाओं को दुरुस्त करवाने के लिए अपने प्रदेशाध्यक्ष से कहते। मंडी में ना तो सफाई है और ना ही बेहतर सड़क व्यवस्था।
72 घंटों में हो किसानों को भुगतान : बराला
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि उन्होंने मार्केट कमेटी एवं खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 72 घंटों के भीतर किसानों को उनका भुगतान हो जाना चाहिए। इसके अलावा मंडी में किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी अधिकारियों को कहा गया है।
डीएफएससी के आदेश आए थे कि खरीद आज ही शुरू करवा दो, तो हमने करवा दी। बीसीपीए एक-दो दिन में नियुक्त करवा देंगे।
प्रेम मित्तल, अध्यक्ष, व्यापार मंडल, फतेहाबाद
गेहूं की खरीद शुरू करवा दी गई है। सोमवार शाम तक लगभग 500 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है।
केके मल्हान, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक