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Fatehabad News: हिसार के बाद प्रदेश में सबसे प्रदूषित रहा फतेहाबाद, देश में सातवें नंबर पर

Tue, 05 Nov 2024 03:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। प्रदेश में सोमवार को सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में फतेहाबाद का नाम टॉप दो में शामिल रहा। पूरे प्रदेश में हिसार के बाद सबसे अधिक प्रदूषित फतेहाबाद शहर रहा। हिसार में सोमवार को जहां एक्यूआई 379 दर्ज किया गया, वहीं फतेहाबाद में 322 रहा।
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इसके बाद तीसरे स्थान पर गुरुग्राम 310 और चरखी दादरी 308 एक्यूआई के साथ चौथे स्थान पर रहा। हालांकि, एक्यूआई के जारी हुए देशभर के बुलेटिन में शामिल 261 शहरों में से फतेहाबाद सातवें स्थान पर रहा। जिले में सुबह से लेकर शाम तक आसमान में धुआं छाया रहा। इस कारण लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश की परेशानी झेलनी पड़ी। वायु प्रदूषित होने से सांस के रोगियों की आफत ज्यादा बढ़ गई। कृषि विभाग के अनुसार सोमवार को एक भी केस पराली जलाने का सामने नहीं आया। मगर रविवार को पांच स्थानों पर पराली जली थी।
बता दें कि है कि जिले में धान की कटाई का काम चल रहा है। अभी भी खेतों में 30 फीसदी धान की कटाई बाकी है। धान की कटाई करने के बाद कुछ किसान रबी की फसल के लिए खेत को खाली करने के लिए फसल अवशेष जला रहे हैं। जिले में अभी तक 67 स्थानों पर फसल अवशेष जलाए जा चुके हैं।
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दोपहिया वाहनों पर जलते समय जली आंखें
जिले में चारों तरफ आसमान में धुआं छाए रहने से दोपहिया वाहन चालकों ने भी खूब परेशानी झेली। बिना हेलमेट या आंखों पर चश्मा नहीं लगाने वाले चालकों को आंखों में जलन महसूस हुई। ऐसे वाहन चालक यात्रा पूरी करने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धोते रहे। इसी तरह सांस के रोगियों को सांस लेने में तकलीफ होती रही। खुले में घूमने पर मुंह में धूल के कण जाने का भी अहसास हुआ।

चार सालों में 4 नवंबर तक इतने आए थे पराली जलाने के केस
2021 - 599
2022 - 455
2023 - 260
2024 - 67

प्रमुख शहरों का यह रहा एक्यूआई
श्रीगंगानगर - 417
दिल्ली - 381
हिसार - 379
हनुमानगढ़- 379
हाजीपुर - 377
भरतपुर - 329
फतेहाबाद - 322
गाजियाबाद - 314
गुरुग्राम - 310
चरखी दादरी - 308
सांस के रोगियों को इस मौसम में मुंह पर मास्क लगाकर रखना चाहिए। बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलना चाहिए। प्रयास करें कि कमरों के गेट भी बंद रखें ताकि सीधा धुआं सांस के राेगियों तक न पहुंचे। -डॉ. मनीष टुटेजा, छाती रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
आसमान में छाया धुआं आंखों के लिए खतरनाक है। इस समय आंखों की विशेष देखभाल की जरूरत है। बाइक या स्कूटी पर चलने पर आंखों को ठंडे पानी से धोएं। चश्मा लगाकर रखें। दुपहिया वाहन चलाएं तो हेलमेट जरूर पहनें ताकि शीशे से धुआं रुक सके। -डॉ. विनोद शर्मा, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, फतेहाबाद।
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