पुरानी कचहरी की जमीन पर बनने वाले पार्क का निर्माण एक बार फिर से अधर में लटकता दिख रहा है। नगर परिषद प्रशासन ने दो दिन पहले आनन-फानन में पार्क का शिलान्यास भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के हाथों करवा तो दिया लेकिन अब इसके निर्माण के लिए नगर परिषद को ठेकेदार ही नहीं मिल रहे। मंगलवार को पार्क निर्माण के लिए टेंडर जमा करवाने की अंतिम तारीख थी लेकिन एक भी टेंडर नहीं आया। अब मजबूरन नगर परिषद को दोबारा से सारी आवेदन प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी। इसके लिए कम से कम हफ्ते-10 दिन का समय लगना स्वाभाविक है। लेकिन दोबारा भी पार्क निर्माण के लिए कोई ठेकेदार टेंडर देगा, इसको लेकर भी संशय बना है।
सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी वजह या असल मुद्दा कुछ और
नगर परिषद के अधिकारी हालांकि बीते दिनों सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी को इसकी मुख्य वजह मान रहे हैं, लेकिन नगर परिषद के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो ये पार्क पहले से ही विवादित हो चुका है। विवादित काम से ठेकेदार हमेशा ही बचते रहते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद के लगभग सभी ठेकेदार इससे पीछा छुड़ाना चाहते हैं। ठेकेदारों ने नाम न छापने की शिकायत पर बताया कि इस वार्ड में होने वाले सभी निर्माण कार्यों पर कुछ विरोधी लोगों की हमेशा नजर रहती है और उन्नीस-बीस की गलती पर भी मुद्दा बनते देर नहीं लगती। इसी वजह से ठेकेदार पुरानी कचहरी के पार्क से नाक-भौ सिकोड़ रहे हैं।
पार्क के साथ जुड़ चुके हैं ये विवाद
पुरानी कचहरी की जमीन पर बनने वाले पार्क के साथ निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही कई विवाद जुड़ चुके हैं। सबसे पहले इस जमीन पर बने कई सरकारी दफ्तरों की कंडम इमारतों को ढहाने में काफी समय लगा। कई बार टेंडर देने के बावजूद इसका मलबा लेने को कोई तैयार नहीं हुआ। बमुश्किल मलबे का टेंडर छूटा तो इसके बाद ताजा विवाद इसके नाम को लेकर हो चुका है। नगर परिषद प्रशासन इस पार्क का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय पार्क के नाम से करने को अड़ा है।
इसी नाम से पार्क का शिलान्यास भी दो दिन पहले किया जा चुका है जबकि इस पार्क के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रही पार्क संघर्ष समिति इसका नाम शहीद मदनलाल ढींगड़ा नाम से करना चाहती थी। संघर्ष समिति का ये आरोप भी है कि नप प्रशासन या वार्ड पार्षद ने बिना वार्ड में किसी से सलाह किए बिना ही बैठक में शहीद मदन लाल ढींगड़ा की बजाए पं. दीन दयाल उपाध्याय के नाम से पार्क का नामकरण का एजेंडा पास करवा दिया।
दोबारा होगी टेंडर प्रक्रिया
मंगलवार को जगजीवनपुरा के पुरानी तहसील वाले पार्क का टेंडर था, लेकिन किसी ठेकेदार के टेंडर न देने के कारण अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उम्मीद है कि इसमें एक हफ्ता लग सकता है। -एचके शर्मा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद ।