फतेहाबाद का राजकीय विद्यालय। इसे भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
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मंगलवार से शुरू हो रही दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए खुद एसपी ओपी नरवाल मोर्चा संभालेंगे। इसके अलावा पहली बार ऐसा होगा जब खुद डीसी एनके सोलंकी उड़नदस्ते का हिस्सा होंगेे। प्रदेश में पिछले कुछ समय से परीक्षाओं के दौरान नकल एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद नकल के कई मामले सामने आ ही जाते हैं, ऐसे में इस बार प्रशासन अपनी ओर से कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता। यही कारण है कि जाट आरक्षण आंदोलन में अधिकतर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के बावजूद बोर्ड की परीक्षाओं के लिए भी पुलिस विभाग पर्याप्त सुरक्षा देने को प्रतिबद्ध नजर आ रहा है। बोर्ड की परीक्षाएं सात मार्च से शुरू होकर 8 अप्रैल तक चलेंगी।
प्रत्येक केंद्र अधीक्षक अपने इलाके के थाने से भी मांगेगा सुरक्षा
शिक्षा विभाग ने बोर्ड की परीक्षाओं के लिए जिलेभर में कुल 62 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें फतेहाबाद जिले में सबसे ज्यादा 34, टोहाना में 18 और रतिया में 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने अपने स्तर पर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर इन परीक्षाओं के लिए सुरक्षा मांगी ही है, साथ ही इस बार सभी केंद्र अधीक्षक भी अपने स्तर पर अपने क्षेत्र के थाना/चौकी इंचार्ज से परीक्षा के दौरान सुरक्षा की मांग करेगा। ये गाइडलाइंस सभी केंद्र अधीक्षकों को दी गई हैं ताकि किसी अप्रिय घटना के बाद संबंधित चौकी या थाना इंचार्ज ये ना कह सके कि उसे पता नहीं था कि उसके क्षेत्र में बोर्ड की परीक्षा हो रही है।
परीक्षा देने वाले विद्यार्थी इन बातों का रखें ध्यान
1. रोल नंबर पर लगी फोटो अटेस्टेड होनी चाहिए ।
2. अपने स्कूल की यूनिफार्म में ही परीक्षा देने जाएं परीक्षार्थी ।
3. अपने साथ कोई पर्ची या हाथ पैर पर कुछ भी ना लिखें।
4. परीक्षा देने के लिए आते समय मोबाइल ना लेकर आएं।
बोर्ड की परीक्षाओं के लिए सारी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख दिया गया है। साथ ही सभी केंद्र अधीक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अपने क्षेत्र के थाना और चौकी इंचार्ज से भी मिलकर सुरक्षा की डिमांड रखें।
दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।