प्रॉपर्टी टैक्स बिल में गड़बड़ियों को ठीक कराने के लिए आपको अपने वार्ड के पार्षद से पहले साइन कराकर लाना होगा तब जाकर नगर परिषद कर्मचारी आपके बिल में हुई गलती को ठीक करेंगे। नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल की ओर से ये फरमान जारी किया गया है। इस आदेश की प्रति बाकायदा नगर परिषद कार्यालय में भी चस्पा कर दी गई है। पूर्व नप प्रधान वीरेंद्र नारंग ने इस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई है। नगर परिषद कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोग प्रॉपर्टी टैक्स बिलों में आई गड़बड़ियों को ठीक कराने के लिए आ रहे हैं। ऐसे में पार्षदों के पास भी चहल-पहल होनी तय है।
पहले ये था बिल में कमी ठीक कराने का प्रोसेस
नप अध्यक्ष द्वारा जारी नए फरमान से पहले लोगों को नगर परिषद में आकर एक फार्म भरना होता था और अपने बिल की प्रति साथ लगाकर उस फार्म को नप कार्यालय में जमा करवाना होता था। इस फार्म के आधार पर नगर परिषद कर्मचारी सुरेश शर्मा अपनी टीम के साथ उस जगह की फिजिकल वेरिफाई करते थे जिसके बाद अगर जरूरत होती थी तो बिल को ठीक करा दिया जाता था। अब नए प्रोसेस के तहत पहले उपभोक्ता को नप कार्यालय से गलती ठीक कराने का फार्म लेकर उसे भरना होगा। इसके बाद अपने वार्ड के पार्षद के पास जाकर साइन कराकर फिर वापस नप कार्यालय में आकर फार्म सबमिट कराना होगा।
अनेक लोगों ने कई कालोनियों में बिल नहीं पहुंचने की भी सुनाई शिकायत
सोमवार को नप कार्यालय में पहुंचे अनेक लोगों ने अभी तक उनके घर और कालोनी में बिल ना पहुंचने की शिकायत भी दी। नप कार्यालय पहुंचे बुधराम, रणधीर सिंह, रोहताश एवं हरीराम शर्मा ने बताया कि उनकी कालोनी में अभी तक बिल पहुंचने शुरू भी नहीं हुए हैं जबकि मार्च का पहला सप्ताह निकल चुका है। उनकी मानें तो डीसी कालोनी, भगवान दास कालोनी, अग्रवाल कालोनी सहित कई ऐसे इलाके हैं जिनमें बिल बंटने शुरू नहीं हो सके हैं।
पूर्व प्रधान ने जताई हैरानी, बोले, लोगों को बेवजह किया जा रहा परेशान
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र नारंग ने इस फरमान की कड़े शब्दों में निंदा की है। नारंग ने आरोप लगाया कि नप प्रशासन जानबूझकर लोगों को परेशान करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद प्रशासन ने बाहर की एजेंसी से सर्वे करवा लिया जिसे फतेहाबाद के इलाकों और कालोनियों के नाम तक नहीं पता थे। जिसके चलते अब ये परेशानी आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर पार्षदों के साइन करवाने इतने ही आवश्यक हैं तो नप अध्यक्ष ये व्यवस्था करवाएं कि सभी पार्षदों का नप कार्यालय में बैठने का समय निश्चित किया जाए। इस दौरान लोग उनसे साइन करवा सकते हैं, अन्यथा अगर पार्षद कहीं इधर-उधर हो तो उसके पीछे भागने में ही लोगों का समय निकल जाएगा।
वार्ड का प्रतिनिधि होता है पार्षद
इस बारे में पूछे जाने पर नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने कहा कि पार्षद वार्ड का प्रतिनिधि है, उसे पता होता है कि क्या वास्तव में उसके वार्डवासी का बिल गलत है या उसे खुद गलती लगी है।