नाबालिग बेटी की शादी करने का आरोपी पिता हरनाम सिंह ।
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गांव बनावाली सोतर में एक पिता द्वारा सात साल पहले मर चुकी बेटी के जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर अपनी सबसे छोटी नाबालिग बेटी की शादी करने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलते ही जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने किशोरी और उसके पिता को महिला थाने में तलब कर जांच शुरू कर दी है। उनकी मानें तो प्रथमदृष्टया इस मामले में पिता एवं परिजनों की ओर से 7 साल पहले मर चुकी बेटी के कागजातों में हेरफेर कर छोटी बेटी का नाम बदलकर उसकी शादी करने की बात स्पष्ट होती है। अब वे इस मामले में एसपी ओपी नरवाल के पास एफआईआर की सिफारिश करेंगी।
जिला प्रोटेक्शन अधिकारी एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने खुलासा किया कि इस मामले में नाबालिग दुल्हन की मां संतो देवी ने ही शिकायत दी थी। दरअसल उसकी मां संतो अपने परिवार से पिछले कई सालों से अलग रही है। दो दिन पहले किसी ने उसे बताया कि उसकी बेटी की शादी कर दी गई है और उसे बताया तक नहीं। इस पर उसने जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल को शिकायत दी। जांच के दौरान यह मामला सही निकला। वास्तव में हरनाम सिंह ने अपनी छोटी बेटी सरोज की शादी भिरडाना के एक परिवार में कर दी है। जब उन्होंने हरनाम और उसकी बेटी को तलब किया तो हरनाम ने उनको गुमराह करते अपनी 7 साल पहले मर चुकी बेटी राजकौर के प्रमाणपत्र दिखा दिए। लेकिन जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो हरनाम ने सारी बात उगल दी और सरोज का असली प्रमाणपत्र भी जमा कर दिया जिसके तहत सरोज की उम्र साढ़े सोलह साल के करीब है।
गांव की आंगनबाड़ी वर्कर से मिली मामले की जानकारी
इस बारे में बताते हुए रेखा अग्रवाल ने बताया कि मामले की शिकायत मिलते ही उन्होंने गांव की आंगनबाड़ी वर्कर से पूछताछ की। अग्रवाल ने बताया कि उसने सारी सच्चाई बयां कर दी कि मृत बेटी के कागज दिखाकर हरनाम ने अपनी सबसे छोटी बेटी की शादी बालिग होने से पहले ही कर दी है। आंगनबाड़ी वर्कर की मानें तो उसने भी हरनाम को शादी करने से रोका था। रेखा अग्रवाल की मानें तो नाबालिग लड़की से शादी करने के आरोप में दुल्हन सरोज के पिता एवं सरोज के ससुरालीजनों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए वो एसपी फतेहाबाद को एक पत्र लिखकर मामले में कानूनी कार्यवाही करने की सिफारिश करेंगी।