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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में फर्जीवाड़े की जांच की मांग

Fri, 06 Jan 2017 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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लघु सचिवालय का घेराव कर रहे छात्र-छात्राओं को आश्वासन देते एएसपी गंगाराम पूनियां। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ।
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया व भारत की जनवादी नौजवान सभा के अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन गुस्साए विद्यार्थियों ने लघु सचिवालय का घेराव किया। छात्रों ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट को रोककर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में मौके पर पहुंचे एएसपी गंगाराम पूनियां ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की।


इस दौरान विद्यार्थियों ने एएसपी के समक्ष फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा अपनाए जा रहे नकारात्मक रवैये की शिकायत करते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की। एएसपी ने छात्रों को आश्वासन दिया कि इस मामले में 15 दिन में जांच कर दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया जाएगा। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एएसपी के आश्वासन के बाद छात्र शांत हो गए। इसके बाद अनिश्चितकालीन धरने को स्थगित कर गांवों में अभियान जारी रखने की घोषणा की। बाद में एसएफआई व नौजवान सभा के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर एएसपी ने इस मामले की जानकारी ली।
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पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, जिला पार्षद अजय मैहता, जिला पार्षद बीबो, पूर्व जिला पार्षद सुनीता जांडली, किसान सभा के जिला प्रधान रामस्वरूप, जनवादी महिला समिति से जसवंत कौर, नागरिक अधिकार मंच के मोहन लाल नारंग, मनफूल सिंह ढाका सहित अनेक जनसंगठनों के सदस्यों ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया।


इससे पहले, धरने को संबोधित करते हुए नौजवान सभा के राज्य प्रधान नरेश दनौदा ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने, बेरोजगारी भत्ते के लिए पंजीकरण रोजगार कार्यालय के माध्यम से ही करवाने तथा गांवों से शिक्षण संस्थानों तक लड़कियों के लिए स्पैशल बस चलाने की मांग को लेकर जिले के दूर-दराज के इलाकों से छात्र-छात्राएं चार दिनों से इतनी ठंड में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना देने को मजबूर हैं, लेकिन उपायुक्त सरकार परस्ती के कारण अपनी जिम्मेवारी को छोड़कर छुट्टी पर चले गए हैं।

प्रशासन जांच की बजाय इस मामले में लीपापोती करने में लगा है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना को धरातल पर सरकारी संस्थानों जैसे आईटीआई, पॉलटैक्निक कालेज के माध्यम से लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार की निजीकरण की नीतियों के चलते शिक्षा की दुकानें खोले बैठे निजी संस्थाओं को इसका ठेका दे दिया गया।

एसएफआई के राज्य प्रधान शाहनवाज ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा निजी हाथों में सौंपी जा रही है। शिक्षा बजट में लगातार कटौती हो रही है। प्रदेश में हजारों छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई केवल शिक्षकों व बसों की कमी के चलते बीच में ही छोड़ने को मजबूर हैं।

धरने को समर्थन देने पहुंचे माकपा जिला सचिव जगतार सिंह, सीटू जिला उपप्रधान रमेश जांडली ने कहा कि प्रशासन ने अगर इस मामले में निष्पक्ष जांच की बजाय लीपापोती की और पीड़ित छात्राओं को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने की अध्यक्षता नसीम भूना, सुभाष ढाणी सांचला व सोनू जाण्डली ने संयुक्त रूप से की व संचालन एसएफआई नेता महक भारती ने किया।
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इस अवसर पर सुदेश, कविता शर्मा बैजलपुर, रामनिवास, कविता भूना, रानी देवी, पायल शर्मा, मनीषा, किरण, सिबल, एकता, सुमन, परमजीत कौर, कृष्ण, धर्मबीर, विकास गोरखपुर आदि युवा मौजूद रहे।

 
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