शनिवार को जिला अलसुबह से ही कोहरे की चादर से लिपटा रहा। शनिवार को लोग सुबह उठे तो घरों में भी धुंध दिखी । जैसे ही लोगों ने बाजार का रुख किया तो चारों ओर कोहरा ही कोहरा नजर आया। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन भी रेंगते नजर आए और लोगों को यातायात में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहां से बसें और ट्रेनें काफी देरी से चली। वहीं, मौसम की ये धुंध गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद बताई जा रही है। शनिवार को तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई।
दिसंबर के आखिरी सप्ताह में पड़ी धुंध से शनिवार को यात्रियों को खासी परेशानी हुई। दिल्ली-चंडीगढ़, जयपुर से आने-जाने वाली बसें काफी देरी से पहुंची। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य पर जाने के लिए घंटों इंतजार भी करना पड़ा। नेशनल हाइवे नौ पर वाहन चालकों ने लाइट जलाकर वाहन चलाए। इसके बावजूद भी वाहन काफी धीमी गति से चलते दिखे। धुंध से आम जनजीवन भी प्रभावित नजर आया। सुबह लोग घरों से काफी देरी से निकले। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी दिक्कतें आई।
हालांकि सोमवार से स्कूलों में अवकाश घोषित होने से बच्चों को काफी राहत मिलनी तय है। ये धुंध गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है। शनिवार को फतेहाबाद का न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रहा और अधिकतम 22 डिग्री तक पहुंचा। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार तापमान में अभी और गिरावट संभावित है। इसके अलावा कृषि विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि किसान गेहूं की फसल में पहली सिंचाई 22 दिनों के बाद अवश्य करें। इसके बाद 45 दिन बाद अगली सिंचाई करें। आलू की फसल पर मिट्टी चढ़ाकर रखने का सुझाव भी कृषि विभाग की ओर से दिया गया है।