भले ही मौसम बदलने के साथ डेंगू बुखार का प्रकोप कम हुआ हो लेकिन रतिया में डेंगू आशंकित बच्चा मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बच्चे को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर बच्चे के प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए उसे रक्त चढ़ाया गया है और बच्चे को डेंगू आशंकित मान उसका उपचार शुरू कर दिया गया है।
वार्ड नंबर-17 के रहने वाले पांचवीं कक्षा के 12 वर्षीय साहिल को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन साहिल का उपचार निजी अस्पतालों में करा रहे थे। उसके ठीक नहीं होने और बुखार नहीं उतरने पर परिजन उसे सरकारी अस्पताल में लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने जांच की। इस दौरान उसके प्लेटलेट्स मात्र 25,000 रह गए थे, जो कि सामान्य डेढ़ से साढे़ 4 लाख के बीच होना चाहिए। इतने कम प्लेटलेट्स आने पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने बच्चे को डेंगू आशंकित मान उपचार शुरू कर दिया। विभाग ने बच्चे के स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के लिए स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
क्या कहते हैं एसएमओ विजय जैन
जब इस बारे में एसएमओ विजय जैन से बात की तो उन्होंने कहा कि डेंगू आशंकित बच्चा बुखार से पीड़ित उपचार के लिए अस्पताल में आया है। उसके प्लेटलेट्स काफी कम है और प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए खून चढ़ाया गया है तथा और खून का प्रबंध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से बच्चे की स्थिति बेहतर है।