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5 माह से एक पेड़ पर अटके हैं अफसर, बाकी काम कैसे करते होंगे : त्रिखा

Tue, 18 Oct 2016 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करतीं मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की जगह फतेहाबाद कष्ट निवारण समिति की अध्यक्षा बनाई गईं सीपीएस सीमा त्रिखा ने अपनी पहली ही बैठक में अधिकारियों के ढीले रवैये पर उन्हें फटकार लगाई। एमपी सोतर के स्कूल में एक हरे पेड़ काटने के मामले की सुनवाई के दौरान जब उन्हें बताया गया कि यह मामला पांच माह से लगातार चला आ रहा है तो उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि पांच माह से अगर अफसर एक ही पेड़ पर अटके हैं तो बाकी काम कैसे करते होंगे। उन्होंने आदेश दिए कि फिर से मामले की जांच हो और पेड़ काटने के दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। लघुसचिवालय के बैठक कक्ष में जिला लोक संपर्क एवं परिवाद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीपीएस सीमा त्रिखा ने 18 शिकायतों में से आठ शिकायतों का तुरंत निपटारा कर दिया, जबकि बाकी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए विभिन्न कमेटियां गठित कर उनकी जांच करने के आदेश दिए।

ये है पेड़ का माला
बता दें कि मोहम्मदपुर सोतर के जसपाल, सोना राम, गुरमीत आदि ने लगभग पांच माह पहले कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत रखी थी कि उनके गांव के स्कूल में हरे पेड़ को स्कूल के प्राचार्य ने सरपंच आदि सेे मिलीभगत कर कटवा दिया है और इसे बेच देंगे। उस वक्त अनिल विज की अध्यक्षता में होने वाली बैठक स्थगित हो गई। इसके बाद भी इस मामले में जांच के आदेश दिए गए। तीसरी बार डीसी सोलंकी ने मामले की जांच शिक्षा विभाग से करवाई। चौथी बैठक में शिक्षा अधिकारी कृष्णा सिहाग ने बताया जांच में सामने आया कि ये पेड़ आंधी-तूफान के चलते अपने-आप गिरा है। सोमवार की बैठक में शिक्षा और वन विभागों की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि काटा गया पेड़ स्कूल के शौचालय की दीवार पर झुका हुआ था और बारिश के मौसम में इसके शौचालय पर गिरने का डर था, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने इस रिपोर्ट को झुठलाते हुए कहा कि बिना किसी को जानकारी देकर पेड़ को काटा गया है।
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हर दौरे पर दो आंगनबाड़ियों का करेंगी निरीक्षण, वहीं खाएंगी खाना
दरियापुर आंगनबाड़ी से संबंधित एक शिकायत की सुनवाई के दौरान सीपीएस त्रिखा को पता चला कि बच्चोें के खाने में कीड़े निकले थे। इस पर उन्होंने कहा कि वह अगली बार से जब भी बैठक के लिए आएंगी तब जिले की दो आंगनबाड़ियों का औचक निरीक्षण करेंगी और आंगनबाड़ी केंद्र में ही बैठकर खाना खाएंगी ताकि खाने की गुणवत्ता का पता चल सके। इससे पूर्व इसी मामले की सुनवाई के दौरान जब उन्हें पता चला कि बच्चों के खाने में कीड़े निकले थे और शिकायतकर्ता ने समझौता कर लिया तो उन्होंने इस पर ऐतराज जताया। सीपीएस के पूछने पर शिकायतकर्ता दर्शना पंच ने खुलासा किया कि उस पर दबाव बनाकर समझौता करवाया गया है। इस बात पर बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों और उक्त शिकायतकर्ता के बीच कई देर तक बहसबाजी भी हुई। बाद में सीपीएस ने मामले की जांच एडीसी कार्यालय को सौंप दी। साथ ही उन्होंने कष्ट निवारण कमेटी के सभी सदस्यों से कहा कि वे भी अपने अपने इलाके में आंगनबाड़ियों की जांच करें।

ठरवी मामले की दोबारा जांच को कहा
ठरवी के जमींदारों के खातों में गलत रिकॉर्ड दर्ज कर डीएपी खाद चढ़ाने का मामला एक साल से लंबित होने पर सीपीएस सीमा त्रिखा ने हैरानी जताई। गांव ठरवी के जमींदारों की शिकायत थी कि उनके खातों में गलत रिकॉर्ड दर्ज कर डीएपी खाद दर्ज की गई है जो कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ है। इस पर कार्रवाई करते हुए सीपीएस ने पुलिस विभाग को कर्मचारी द्वारा आत्महत्या करने की जांच और जिला उपायुक्त द्वारा अधिकारियों की बनाई गई कमेटी के साथ दो सदस्यों सरदारी लाल व वेद जांगड़ा को नियुक्त कर दोबारा जांच करने के आदेश दिए।

सगुल्लरवाला में डीडीपीओ की सफाई से नहीं माना शिकायतकर्ता, दोबारा जांच
गांव गुल्लरवाला निवासी कश्मीर सिंह की शिकायत थी कि गांव में अनुसूचित जाति चौपाल में एक कमरा बनवाया गया है, जिसमें पूरी ग्रांट नहीं लगाई गई है। इस पर डीडीपीओ ने बताया कि एमपी कोटे से एक लाख रुपये कमरा निर्माण के लिए मिले थे और पंचायत ने 29 हजार रुपये अपने खाते से मिलाकर कमरे का निर्माण करवाया है, लेकिन शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर सीपीएस ने एसडीएम टोहाना और समिति के दो सदस्यों की एक संयुक्त टीम बनाकर दोबारा जांच करने के आदेश दिए।

डेयरी की नियमित चेकिंग के दिए आदेश
इसी तरह हरपाल चौक टोहाना निवासी सोहन लाल पुत्र जेठानंद की शिकायत थी कि हरपाल चौक पर भैंसों की डेयरी है और डेयरी मालिक गोबर व तुड़ी सीवरेज में बहा रहा है। इस पर कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद टोहाना ने बताया कि डेयरी मालिक को सचेत कर दिया गया और डेयरी मालिक ने अपनी डेयरी से गोबर और तुड़ी बाहर फेंकना शुरू कर दिया है। इस पर भी शिकायतकर्ता ने गलत बताया तो इस पर सीपीएस त्रिखा ने नगर परिषद अधिकारियों को नियमित चेकिंग करने और ऐसा दोबारा करने पर चालान काटने के आदेश दिए। इस दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा ने कहा कि अधिकारी किसी भी दबाव में न आकर जनता के हित में काम करें। लोगों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और शिकायतकर्ता को तसल्ली भी अवश्य करवाएं।

भाजपा जिलाध्यक्ष को मिली विशेष तरजीह
बैठक के दौरान सीपीएस त्रिखा ने लगभग प्रत्येक मामले में सुनवाई के दौरान जिला प्रधान वेद फुलां से सलाह-मशवरा किया। इतना ही नहीं, कई मामलों की सुनवाई करते हुए उन्होंने डीसी, एडीसी, और अन्य अधिकारियों से यहां तक कहा कि ये कंडीशनल फाइल किया जाए, औपचारिक रूप से मामले को फाइल करने से पहले मामले को भाजपा जिलाध्यक्ष से वेरीफाई करवाया जाए, इसके बाद ही मामले को निपटा हुआ माना जाए।
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ये रहे मौजूद
बैठक में विधायक बलवान सिंह दौलत पुरिया, उपायुक्त एनके सोलंकी, पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी, समिति सदस्य प्रवीण जोड़ा, बलदेव ग्रोहा, पूर्व चैयरमेन रामराज मेहता, डॉ. आत्म प्रकाश मेहता, रमेश मेहता, राजपाल बैनीवाल, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके आभीर, एएसपी गंगा राम पूनिया, एसडीएम सतबीर जांघू, सतीश कुमार, डीआरओ बिजेन्द्र भारद्वाज, डीडीपीओ राजेश खोथ सहित समिति सदस्य व अधिकारी मौजूद रहे।
 
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