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बैंकों में सुबह 11 बजे ही कैश खत्म

Sun, 20 Nov 2016 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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बैंक के बाहर लगी लाइनें - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के 11 दिन बाद भी जिले में हालात सामान्य नहीं हो रहे। बैंकों के बाहर कतारें बढ़ रही हैं और बैंक में पैसे खत्म हो चुके हैं। जिले के सभी एटीएम कैश न होने के चलते बंद पड़े हैं। शनिवार को सुबह 11 बजे ही बैंकों में कैश खत्म हो गया। रविवार की छुट्टी होने के कारण शनिवार को बैंकों में भीड़ ज्यादा थी, लेकिन उपभोक्ताओं को सभी बैंकों में तकरीबन चार हजार रुपये से ही संतोष करना पड़ा। 11 बजे कैश खत्म हुआ तो आधे उपभोक्ताओं को बिना कैश मिले ही वापस लौटना पड़ा। बैंक की चेस्ट में कैश खत्म होने की पुष्टि लीड बैंक मैनेजर सीताराम सोनी भी करते हैं।


        फतेहाबाद के पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, कोटक बैंक, एचडीएफसी, विजया बैंक, यूनियन बैंक में शनिवार को हालात बदतर रहे। पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी एसबीआई के अधिकारियों से 20 लाख ही ले पाए तो केनरा बैंक, यूनियन बैंक, विजया बैंकों के पास मात्र चार से पांच लाख ही कैश था। बैंक अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि इसी कैश से ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को संतुष्ट किया जाए। ऐसे ही हालात अन्य बैंकों में भी थे। कैश कम था और उपभोक्ता ज्यादा। लोग नीति और नियम का हवाला देते नजर आए, लेकिन बैंक अधिकारियों का एक ही जवाब था कि प्रति उपभोक्ता चार हजार रुपये ही मिलेंगे।
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पीएनबी की चेस्ट हिसार व डबवाली में कैश खत्म हो गया। शनिवार सुबह 10 बजे लीड बैंक मैनेजर सीताराम सोनी ने एसबीआई जाकर 40 लाख रुपये का एनइएफटी के मार्फत फंड ट्रांसफर किया। एसबीआई ने उन्हें 40 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया लेकिन जब वो वापस बैंक पहुंचे तो बैंक के पास महज 20 लाख ही पहुंचे थे। इस प्रकार पीएनबी को 20 लाख रुपये में ही गुजारा करना पड़ा । केनरा बैंक मैनेजर महेंद्र सिंह ने बताया कि बैंक की चेस्ट करनाल पड़ती है, जहां कैश नहीं था। उन्हें एसबीआई से चार लाख के नोट मिले जो 12 बजे तक ही चल पाए। केनरा बैंक में आज सबसे ज्यादा भीड़ थी।

इलाहाबाद बैंक की चेस्ट दिल्ली में है जहां से कैश नहीं आया। उन्होंने शुक्रवार को बचे पांच लाख रुपये ही उपभोक्ताओं में बांटे। कोटक महिंद्रा बैंक के दिनेश भाटिया ने बताया कि उनकी चेस्ट में कैश खत्म है, जिस कारण बैंक में कैश शनिवार को आया ही नहीं और पीएनबी से कुछ कैश लेकर आए। उन्होंने स्वीकार किया कि कैश न होने के कारण चार दिन से एटीएम बंद पड़ा है। यूनियन और विजया बैंक में भी पांच-पांच लाख रुपये ही कैश वितरित हो पाया। यूनियन बैंक के मैनेजर कैलाश चंद्र व विजया बैंक के प्रदीप कुमार ने स्वीकार किया कि उपभोक्ता शनिवार को काफी परेशान दिखे और बैरंग वापस लौटे। यूको बैंक के डीलिंग प्रमोद जैन के अनुसार बैंक में कैश कितना है और कितना बंट पाया है, उसका अभी अंदाजा ही नहीं है।

80 प्रतिशत से अधिक एटीएम बंद
जिले में 112 बैंकों व पोस्टआफिस में एटीएम सुविधा है। 80 प्रतिशत से अधिक एटीएम बंद पड़े हैं। कैश न होने से एटीएम को बंद करना पड़ा है। पीएनबी लीड बैंक के मैनेजर के अनुसार अधिकतर एटीएम कैश की कमी के चलते बंद हैं। लीड बैंक के अनुसार सभी एटीएम की कॉन्फ्रिगेशन करवा दिया गया है। अब नोटों की समैटरी बन जाएगी। जैसे ही नोट डाले जाएंगे, एटीएम से नए नोट भी निकल आएंगे।     
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सोमवार को सामान्य होंगे हालात
बैंकों में शनिवार को कैश बिल्कुल ही नहीं था। सभी ब्रांचों में उपभोक्ता वापस लौटते दिखे। उपभोक्ता कैश के कमी के कारण परेशान हैं । सोमवार से हालात सामान्य होने के आसार हैं। -सीताराम सोनी, एलडीएम, फतेहाबाद।
 
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