जिले के सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी को लेकर एक बार फिर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों का बहाना बनाने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग शिकंजा कसने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने अब साफ कर दिया है कि अगर किसी कारण से बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगी तो इसकी जानकारी आईटी सेल को देनी होगी। ऐसा ना करने की सूरत में अध्यापकों का वेतन ही जारी नहीं हो सकेगा।
शिक्षकों को बायोमीट्रिक हाजिरी न लगने पर लॉग इन करके हाजिरी लगानी होगी। अगर फिर हाजिरी नहीं लग रही है तो इसकी जानकारी आईटी सेल को देनी होगी। आईटी सेल जांच करेगा कि हाजिरी तकनीकी कारणों से नहीं लग पा रही है। अगर शिक्षक की लापरवाही मिली तो निदेशालय संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई करेगा। संबंध में निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
सेकेंडरी एजूकेशन के अतिरिक्त डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह के मुताबिक स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम इंस्टॉल हो चुका है और इंटरनेट कनेक्शन भी उपलब्ध हो चुके हैं। लेकिन बावजूद इसके अधिकतर स्कूलों का स्टाफ मैनुअल हाजिरी लगाने में दिलचस्दिखा रहा है। इस बारे में डिप्टी डीईओ दयानंद सिहाग ने बताया कि निदेशालय से आदेश आए हैं कि शिक्षकों की हाजिरी बायोमीट्रिक से होनी चाहिए। इस संबंध में स्कूल प्राचार्यों को सख्ती से कहा गया है कि शिक्षकों की हाजिरी बायोमीट्रिक से लगवाएं। अगर ऐसा नहीं होता है तो स्कूल प्राचार्य खुद जिम्मेदार होंगे।