फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: फास्टफूड और चिप्स से खराब हो रहे बच्चों के दांत, लग रहा कीड़ा

Thu, 19 Mar 2026 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दंत रोग विशेषज्ञ ओपीडी में बच्चे के दांतों का चेकअप करते हुए स
विज्ञापन
फतेहाबाद। बच्चों की बदलती खानपान आदतें उनके दांतों पर भारी पड़ रही हैं। फास्टफूड, चिप्स और मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन कम उम्र में ही दांतों में कीड़ा लगने और सड़न जैसी समस्याओं को बढ़ा रहा है।
विज्ञापन


नागरिक अस्पताल की दंत रोग विशेषज्ञ ओपीडी में रोजाना 10 से 12 बच्चे दांत दर्द, सड़न और मसूड़ों से जुड़ी परेशानियों के साथ पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जंक फूड खाने के बाद बच्चे सही तरीके से ब्रश नहीं करते जिससे दांतों पर प्लाक जमा हो जाता है। समय के साथ यही प्लाक बैक्टीरिया में बदलकर दांतों को नुकसान पहुंचाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रात में बिना ब्रश किए सोने की आदत बच्चों के दांतों के लिए सबसे अधिक हानिकारक साबित हो रही है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की खानपान आदतों पर ध्यान देने के साथ-साथ नियमित ब्रश करने की आदत विकसित कराने की जरूरत है, ताकि दांतों की समस्याओं से बचाव संभव हो सके।
विज्ञापन






- दंत विशेषज्ञों के अनुसार आती हैं ये परेशानी

दांतों में कीड़ा लगना (कैविटी)

दांतों में तेज दर्द और संवेदनशीलता

मसूढ़ों से खून आना

मुंह से बदबू आना

दांतों का समय से पहले टूटना या सड़ना

खाना चबाने में परेशानी

-

रात को सोने से पहले करें ब्रश

दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि का कहना है कि अभिभावकों को सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है। बच्चों को दिन में कम से कम दो बार ब्रश कराना चाहिए खासकर रात को सोने से पहले ब्रश करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए और समय-समय पर दांतों की जांच करानी चाहिए। यदि बच्चे के दांत में हल्की सी भी समस्या दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

-

स्वस्थ दांत न केवल मुस्कान को सुंदर बनाते हैं बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी हैं। बच्चों के दांतों की तरफ विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में दंत संबंधित उपचार को लेकर सुविधाएं मौजूद हैं।
विज्ञापन


- डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें