रतिया। शुक्रवार को खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में फसल अवशेष प्रबंधन खरीफ 2025 के तहत बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम सुरेन्द्र सिंह ने अधिकारियों, सरपंचों और नंबरदारों से कहा कि किसान धान की फसल अवशेष (पराली) में आग न लगाएं। यदि कोई किसान पराली जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से भूमि के अंदर मौजूद लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इससे उपजाऊ शक्ति धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है। उन्होंने किसानों को चॉपर, मल्चर और सुपर सीडर के जरिये फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर इन-सीटू प्रबंधन करने की सलाह दी। सब्जी वाली फसलों के लिए किसान स्ट्रॉ बेलर से पराली की गांठ बनवाकर एक्स-सीटू प्रबंधन अपना सकते हैं।
इन विधियों का उपयोग करने वाले किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड प्रोत्साहित राशि दी जाएगी। उन्होंने राजस्व, पंचायत, कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निगरानी करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर बीडीपीओ हनीश कुमार, विकास कुमार लंग्यान, खंड कृषि अधिकारी संदीप कुमार, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी राजेश सेन, नीरज कुमार आदि मौजूद रहे।