भट्टूमंडी में सरसों का तौल न होने पर रोष जताते किसान।
भट्टू कलां। भट्टूमंडी में सरकारी सरसों की खरीद का तौल रोक देने पर किसानों ने रोष जताया। तौल शुरू करने की मांग को लेकर दिन भर किसान प्रशासनिक उच्च अधिकारियों को अवगत करवाते रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सरसों की सरकारी खरीद करने के लिए कमीशन एजेंट की भूमिका निभा रहा मार्केटिंग सोसायटी व हैंडलिंग एजेंट के बीच तालमेल स्थापित नहीं होने से फसल बेचने आए किसान भटकते रहे।
हैंडलिंग एजेंट बसंत कुमार ने कहा कि सरसों का समय पर उठान नहीं हो रहा है। अगर वजन में कटौती हो गई तो वह उसके लिए जिम्मेवार नहीं है। जबकि सोसायटी पूरी जिम्मेदारी हैंडलिंग एजेंट पर ही थोप रही है। लोडिंग के गेट पास नहीं काटे जा रहे। शनिवार को 149 बेग से भरी गाड़ी व सोमवार को 333 बेग से भरी गाड़ी खरीद केंद्र पर ही खड़ी है। भरी हुई गाड़ी के गेट पास नहीं काटे गए। मंगलवार को करीब 400 बेग खरीद केंद्र के फड़ पर ही पड़े है।
खरीदी गई सरसों के तोल में कटौती की जिम्मेदारी को लेकर न तो हैंडलिंग एजेंट और न ही मार्केटिंग सोसायटी जिम्मेवारी ले रही। जिसके कारण भट्टू के कपास मंडी खरीद केंद्र पर सरसों का तोल रोक दिया गया। तोल बंद होने के कारण किसानों में रोष फैल गया। गांव शेखुपुर दड़ौली के किसान विनोद कुमार ने बताया कि वे करीब 20 क्विंटल सरसों लेकर आए थे। सुबह दो सरसों की दो ढेरी का तोल हो गया। जब उसका नंबर आया तो खरीद बंद कर दी गई। इसके बाद दिनभर तोल बंद रहा।
गांव खाबड़ा कलां के किसान जगतपाल, ढिंगसरा के किसान दिनेश, किरढ़ान के किसान मनवीर, सूलीखेड़ा के किसान राजेश व जयप्रकाश, ढिंगसरा के किसान नरपत सिंह, मेहूवाला के किसान रामस्वरूप, सुनील ढिंगसरा व नाथूराम सहित अनेक किसानों ने बताया कि उनकी फसल सरकारी मानदंडों पर खरी उतरी है। फसल का टोकन भी काटा गया लेकिन तोल नहीं करवाया गया। हैंडलिंग एजेंट बसंत कुमार ने बताया कि सीएमएस का कर्मचारी खरीद केंद्र पर बैठकर अपनी देखरेख में पूरा काम करवाएं। मार्केट कमेटी सचिव महाबीर सिंह ने बताया कि किसानों ने सरसों तोल बंद होने की शिकायत दी है। मामले के बारे में लिखित में प्रशासन के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है