गांव चिदंड़ में जलभराव से नष्ट हुई फसल।
फतेहाबाद। जिले में मानसून के दौरान हुई बारिश ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी है। जिले के 234 गांवों के 23000 किसानों ने फसलों में नुकसान के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन किया है और मुआवजा मांगा है। प्रदेश सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुआवजे की घोषणा की है। जिला राजस्व विभाग की ओर से आवेदन प्रकिया के साथ ही गिरदावरी का काम शुरू कर दिया है।
नुकसान के लिए 23000 से अधिक किसानों ने आवेदन कर आर्थिक मदद मांगी है। जिले में 1 लाख 36 हजार 496 एकड़ में फसलें खराब होने का अनुमान है, जिसमें मुख्य रूप से धान, बाजरा और नरमा की फसलें हैं। जिले के किसानों का कहना है कि धान की फसल पकाव पर थी। ऐसे में फसलों पर काफी रुपये खर्च हुए हैं, बारिश से जलभराव ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
टीमें मिलकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी : ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया के साथ ही जिला प्रशासन गिरदावरी का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीमें मिलकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी और नुकसान का सही आकलन करेंगी।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रिपोर्ट को सरकार को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर मुआवजे की राशि जारी की जाएगी। उपायुक्त ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने किया है। सरकार की ओर से उन किसानों को हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। वहीं नुकसान की गिरदावरी करवाकर जल्द रिपोर्ट मांगी जाएगी।