जाम के दौरान पहुंचे वेयरहाउस अधिकारी संजय से बातचीत करते इनेलो नेता कुणाल करण। संवाद
टोहाना। रतिया रोड स्थित एडिशनल अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने शनिवार को रतिया-फतेहाबाद रोड जाम कर दिया। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 20 मिनट बाद खरीद शुरू करने के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया।
किसानों का आरोप था कि हरियाणा वेयरहाउस की खरीद ड्यूटी होने के बावजूद सुबह 11:30 बजे तक खरीद शुरू नहीं हुई और धान मंडी में खुले में पड़ा रहा। किसान सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रालियों में धान लेकर मंडी पहुंच गए थे लेकिन 11:45 बजे तक वेयरहाउस का कोई कर्मचारी खरीद के लिए नहीं पहुंचा।
इसके बाद किसानों ने मंडी के बाहर मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर जाम लगा दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर वेयरहाउस मैनेजर संजय हुड्डा मौके पर पहुंचे और किसानों को खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया और मंडी में धान की खरीद दोबारा शुरू हो सकी।
किसानों के इस विरोध-प्रदर्शन में इनेलो नेता कुणाल कर्ण भी पहुंचे। कर्ण ने कहा कि प्रदेश में किसान विरोधी सरकार है। मंडी में नमी के नाम पर धान के दाम में 200 से 400 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की जा रही है। वहीं गेहूं का समर्थन मूल्य केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।
उन्होंने दावा किया कि टोहाना मंडी में सवा लाख टन धान की आवक हो चुकी है, लेकिन अब तक केवल 36 हजार टन की खरीद हुई है और पांच प्रतिशत धान का भी उठान नहीं हुआ। सरकार और मिलर्स के बीच तालमेल की कमी से किसान परेशान हैं।
वेयरहाउस मैनेजर संजय हुड्डा ने बताया कि मिलों के एग्रीमेंट का सत्यापन, जियो फेंसिंग और ऑनलाइन अपडेट की जिम्मेदारी भी उनके पास है। तापमान अधिक होने के कारण सुबह नमी की सही जांच नहीं हो पाती। इसी वजह से दोपहर बाद खरीद की जाती है।