किसान नेता मनदीप नथवान व निर्भय सिंह ने कहा कि पिछले दो महीने से किसान बाढ़ से राहत दिलाने के लिए सरकार के मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। मगर अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है, इसके अलावा सत्ताधारी पार्टियों के नेता किसानों के आंदोलन का मजाक उड़ा रहे हैं।
फतेहाबाद जिले के जाखल में जिला विकास एवं निगरानी कमेटी की बैठक लेने पहुंची सांसद सुनीता दुग्गल का विरोध करने के लिए सैकड़ों की संख्या में किस एकत्रित हुए। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसान सांसद सुनीता दुग्गल के घेराव की तैयारी में जुटे। किसानों को कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर रोका गया है, जहां पर डीएसपी संजय बिश्नोई सहित पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
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किसानों के विरोध के दौरान सांसद सुनीता दुग्गल ने उनके बीच पहुंचकर अपनी सफाई दी मगर किसान इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद सांसद सुनीता दुग्गल ने अपने बयान को लेकर माफी मांगते हुए किसानों को शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद ही सांसद दिशा कमेटी की बैठक लेने के लिए जा सकी।
किसानों को विपक्षी दलों का नेता करार देने से नाराज हैं किसान संगठन
गौरतलब है कि फतेहाबाद में एक कार्यक्रम में शिरकत होने आई सांसद सुनीता दुग्गल ने किसानों को विपक्षी दलों के सदस्य करार देते हुए उनके आंदोलन व प्रदर्शन को विपक्ष की साजिश करार दिया था। इसी बात से किसान संगठन सांसद सुनीता दुग्गल से नाराजगी जता रहे हैं।
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किसान नेता मनदीप नथवान व निर्भय सिंह ने कहा कि पिछले दो महीने से किसान बाढ़ से राहत दिलाने के लिए सरकार के मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। मगर अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है, इसके अलावा सत्ताधारी पार्टियों के नेता किसानों के आंदोलन का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुनीता दुग्गल ने किसानों को विपक्षी दल का नेता बताते हुए उनका अपमान किया है, जब तक सांसद सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगेगी तब तक उनका विरोध किया जाएगा।