फतेहाबाद। अनाज मंडियों में किसानों को फसलों के उचित भाव नहीं मिल पाने के कारण किसान निराश हैं। जिले के कुछ किसानों ने धान की फसल की कटाई का काम देरी से किया है। ऐसे में जिले की अनाज मंडियों में बासमती धान की आवक अभी भी जारी है।
हालांकि धान की सरकारी खरीद एक माह पहले ही बंद हो चुकी है। ऐसे में किसान धान की फसल को निजी व्यापारी के हाथों बेच रहे हैं। इससे उन्हें प्रति क्विंटल किसानों को 500 से लेकर 800 रुपये से कम भाव मिल रहा है। बता दें कि पिछले करीब 10 दिनों से धान की फसल के भाव लगातार गिर रहे हैं। जिसके कारण फसल बेचने आए किसानों को उचित भाव नहीं मिल पा रहा हैं। धान किस्म 1121 के भाव पहले जहां 3600 रुपये प्रति क्विंटल थे, वहीं अब मात्र 3100 रुपये में बेचने को मजबूर हैं।
अनाज मंडियों में अब ज्यादातर बासमती धान की फसल पहुंच रही है। जिसकी खरीद निजी व्यापारी कर रहे हैं। फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में वीरवार को धान की फसल लेकर पहुंचे किसान देवेंद्र, विशाल, रामविलास, निहाल सिहं और चरणजीत आदि ने बताया कि मंडी में धान की खरीद करने के लिए बहुत ही कम व्यापारी पहुंच रहे हैं। व्यापारियों के द्वारा धान की फसल को मशीन से कटाई करवाने और हाथ से कटाई करवाने के नाम पर कम भाव लगाया जा रहा है।
वहीं इस बार धान की फसलों का उत्पादन भी पिछले साल की तुलना में कम हुआ है। जिसके कारण ओर भी अधिक नुकसान झेलना पड़ रह है। जिसको लेकर प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। शुरुआत में धान की 1509 किस्म का भाव करीब 3900 रुपये प्रति क्विंटल था। लेकिन पिछले 10 दिनों से खरीदार 3400 रुपये प्रति क्विंटल से ही खरीद रहे हैं। कुछ किसान कम भाव में भी मजबूरी के कारण अपनी फसल को बेचने को मजबूर हैं।
वहीं वीरवार को हिसार जिले के गांव कैमरी से पहुंचे किसान विनोद कुमार ने बताया कि मेरी धान की फसल 1509 का भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल लगा है। लेकिन फिर भी मजबूरी में बेचना पड़ रहा है। धान की खरीददारी प्राइवेट सेलर कर रहे हैं और वो अपनी मनमानी करते हुए फसल के पूरे दाम नहीं लगा रहे हैं।