फतेहाबाद। शहर के पुराने बस स्टैंड के सामने अनाज मंडी में सोमवार को किसानों की महापंचायत आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक के वरिष्ठ नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि एमएसपी की गांरटी लागू नहीं होने से किसान कर्ज में डूब रहा है।
डल्लेवाल ने कहा कि जब तक सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की कानूनी गारंटी नहीं देती और डॉ. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू नहीं करती, तब तक किसानों का आर्थिक संकट समाप्त नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसलों का उचित मूल्य न मिलने से किसान कर्ज के दलदल में फंस रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और देश के किसानों के लिए कर्जमाफी को समय की जरूरत बताया।
महापंचायत में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि देश का किसान अब मजबूरी में सड़कों पर उतर रहा है। फसल उत्पादन की लागत में लगातार वृद्धि और उत्पाद की कीमत में गिरावट के कारण अधिकतर किसान ऋणी हो चुके हैं। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य छेलू राम, मदन बिजारिया, ओमप्रकाश और जगा सिंह सहित अन्य किसान भी उपस्थित रहे।
19 मार्च को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
महापंचायत में आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की गई। डल्लेवाल ने घोषणा की कि मांगों को मनवाने के लिए 19 मार्च को देशभर के किसान एकजुट होकर दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचें ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
यह रहीं प्रमुख मांगें
- सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून बने।
- देश के तमाम किसानों का कृषि ऋण पूर्ण रूप से माफ किया जाए।
- स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार फसलों के दाम तय हो।
- किसानों के लिए बिजली पानी की आदि की उचित व्यवस्था की जाए।
शहर पुरानी अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत में शामिल किसान। संवाद