फतेहाबाद। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोमवार को प्रदेश का बजट प्रस्तुत करते हुए जिले को कई सौगात दी है। दूसरी तरफ जिले की सबसे पुरानी और बड़ी समस्या सेम का जिक्र ही नहीं हुआ। जिले को मिली सौगात में तीन शहरों में नए सेक्टर, नया खेल स्टेडियम, पराली आधारित बिजली संयंत्र, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट शामिल हैं।
इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र के लिए बनाए गए सक्षम फंड में जिले की हिस्सेदारी की बात को भी मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए कहा। जिले के लिए प्रदेश के बजट में इस बार वेस्ट टू एनर्जी और ईएसआई डिस्पेंसरी की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने पिछले साल बड़ोपल गांव में हुई जनसभा के दौरान भी ईएसआई डिस्पेंसरी की घोषणा कर चुके हैं। बजट में प्रावधान करने से अब इसके धरातल पर उतरने के चांस बढ़ गए हैं।
जिला जेल के लिए प्रदेश सरकार बीघड़ से ढांड रोड पर जमीन अधिग्रहित कर चुकी है। बजट में एक बार फिर से इसके लिए एलान किया गया है। हालांकि इस बार इसमें पेट्रोल पंप भी शामिल करने की घोषणा की गई है। सीएम ने कई जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों के सुधार के लिए पांच सौ करोड़ के सक्षम फंड का एलान किया है। इस फंड में जिले को भी हिस्सा दिया जाएगा। उम्मीद है कि इससे जिले में उद्योगों को बुनियादी सुविधाएं मिलने में आसानी होगी।
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रतिया, टोहाना और भट्टू में विकसित होंगे नए सेक्टर, भूमि चयन का काम शुरू
सीएम नायब सैनी ने अपने बजट भाषण में जिले के तीन शहरों में नए सेक्टर विकसित करने का एलान किया गया है। इसमें फतेहाबाद विधानसभा से भट्टू में, रतिया उपमंडल मुख्यालय और टोहाना में एचएसवीपी की ओर से सेक्टर विकसित किए जाएंगे। सीएम के अनुसार इन इलाकों में ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भूमि चयन का काम भी शुरू कर दिया गया है।
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जिले में अब पराली से बिजली बनाने की तैयारी
धान के सीजन में जिला में पराली जलाने के मामले आते हैं। हालांकि पिछले एक साल में प्रशासन के प्रयासों के चलते इसमें अच्छी खासी कमी आई है। अभी तक जिले की पराली किसी न किसी प्लांट में जलाने के लिए ही इस्तेमाल हो रही थी लेकिन अब इससे बिजली बनाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। बजट में जिले में पराली आधारित बिजली संयंत्र लगाने की घोषणा हुई है। ऐसा होने पर पराली जलाने की समस्या से तो राहत मिलेगी ही, साथ ही जिले को बिजली भी उपलब्ध हो सकेगी।
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सेम का का सीधा जिक्र नहीं
जिले में सबसे बड़ी और पुरानी समस्या सेम की है। जिले के तकरीबन पचास से अधिक गांवों की 37 हजार एकड़ से अधिक भूमि सेमग्रस्त है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में सेमग्रस्त भूमि को सुधारने का जिक्र तो किया, लेकिन उसमें फतेहाबाद जिले का जिक्र नहीं आया। सीएम ने सेम की समस्या को लेकर भिवानी, रोहतक, गुरुग्राम जिलों का जिक्र किया। इस साल सरकार 1 लाख 40 हजार एकड़ भूमि को सेममुक्त करने का प्रयास करेगी, इसमें फतेहाबाद जिले की कितनी भूमि होगी, इस पर कुछ स्पष्ट नहीं है।
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महाग्राम योजना के तहत जमालपुर में मिलेगा दुगना पेयजल
भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में जमालपुर को महाग्राम योजना में शामिल किया गया था। अब सरकार ने इस गांव में शहर की तर्ज पर पेयजल उपलब्ध करवाने की घोषणा की है। अब इस गांव में प्रत्येक व्यक्ति 55 लीटर से बढ़ाकर 135 लीटर पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा भूना के सीनियर सेकेंडरी स्कूल को दो पाली से एक पाली में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए 31 मार्च तक प्रबंध किए जाएंगे।