भाजपा जिला कार्यकारिणी की बैठक में सांसद और विधायकों के आने की सूचना पाकर क्षेत्र के किसान भूना रोड स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर काले झंडे लेकर पहुंच गए। संयुक्त किसान मोर्चा, किसान संघर्ष समिति व किसान सभा से जुड़े किसानों ने करीब पौने चार घंटे तक कार्यालय के सामने डटे रहे। आनन फानन में भाजपा पदाधिकारी जल्दी से बैठक निपटाकर कार्यालय से निकल गए। पदाधिकारियों के जाने के बाद जब पुलिसकर्मियों ने किसानों को वहां से जाने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। किसानों ने कार्यालय में रुके हुए कुछ कार्यकर्ताओं को भी बाहर निकालकर गेट पर ताला लगाने की मांग कर दी। आखिरकार पूरी तसल्ली करवाने पर किसान दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर वहां से लौटे।
दरअसल, 6 अप्रैल को पार्टी स्थापना दिवस मनाने को लेकर जिला भाजपा कार्यालय में बैठक बुलाई गई थी। बैठक में दिवंगत बेटे की बरसी होने के कारण जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा शामिल नहीं हो सके। इसलिए बैठक की अध्यक्षता जिला महामंत्री रिंकू मान ने की। बैठक में 6 अप्रैल को पार्टी स्थापना दिवस और 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती मनाने का फैसला लिया। 6 अप्रैल को पार्टी स्थापना दिवस पर सभी बूथों पर बूथ अध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता अपने घरों पर पार्टी का नया झंडा लगाएंगे। बैठक में जिला उपाध्यक्ष श्याम कंबोज, अनिल सिहाग, संजय रेवड़ी, महामंत्री जगदीश शर्मा, प्रवीन जोड़ा, जिला विस्तारक रमेश छिरंग, मीडिया प्रभारी महेश शर्मा, कंवल चौधरी, धनंजय अग्रवाल, राजेंद्र प्रजापति, शम्मी ढींगड़ा, बनवारी लाल, राखी मक्कड़, डॉ. रणजीत ओड, जेपी गोदारा आदि मौजूद रहे।
भाजपा की बैठक का समय सुबह 11 बजे का रहा। विरोध करने के लिए किसान सुबह 10.30 बजे ही भाजपा कार्यालय के सामने एकत्रित होने लगे। इसके बाद हाथों में काले झंडे लेकर किसानों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद व विधायकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसान नेताओं को सूचना मिली थी कि बैठक में सांसद व विधायक भी शामिल होंगे इसलिए किसान उनका विरोध करने और उन्हें घेरने के इरादे से कार्यालय के बाहर पहुंचे। मगर बैठक में सांसद और विधायक शामिल नहीं हुए।
भाजपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए दो डीएसपी दलजीत बैनीवाल और सुभाष बिश्नोई के नेतृत्व में करीब सौ पुलिसकर्मी मौजूद रहे। गुप्तचर विभाग के कर्मचारी भी लगातार उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा रहे।
इस मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मनफूल सिंह ढाका, योगेंद्र सिंह भूथन, रविंद्र हिजरावां, रविंद्र कसवां, राजेश खिलेरी, संदीप काजला, रामचंद्र करनोली, कल्याण सिंह, बलराज सिंह बीघड़, करमजीत सालमखेड़ा, रामेश्वर भोडियाखेड़ा, मनजीत भड़ोलांवाली, बृजलाल, विजय जाखड़ सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
कृषि कानूनों के विरोध में किसान सोमवार को एफसीआई कार्यालयों पर भी प्रदर्शन करेंगे। जिले में फतेहाबाद और टोहाना स्थित एफसीआई कार्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार से तीनों कानून वापस लेने की मांग की जाएगी।
तीनों कृषि कानून वापस नहीं होने से किसानों में जबरदस्त आक्रोश है इसलिए किसानों द्वारा हर जगह भाजपा जजपा गठबंधन के नेताओं का विरोध किया जा रहा है। जो किसानों का साथ नहीं देगा उसका विरोध होगा। -मनदीप नथवान, राज्य संयोजक, किसान संघर्ष समिति।
इस बैठक की अध्यक्षता तो महामंत्री रिंकू मान को ही करनी थी। बैठक में विधायकों व सांसद के आने की सूचना किसी ने गलत दे दी थी। बाकी विरोध या प्रदर्शन करना किसानों का हक है। -महेश शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा।