गणतंत्र दिवस कार्यक्रम को लेकर किसानों व सरकार के बीच टकराव की संभावना को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ चुका है। किसानों ने चेतावनी दी हुई है कि वे गणतंत्र दिवस पर किसी भाजपा नेता को ध्वजारोहण नहीं करने देंगे। वहीं सरकार की तरफ से तय कार्यक्रम के अनुसार पुलिस लाइन में 26 जनवरी को जिला स्तरीय समारोह में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा मुख्यातिथि होंगी। ऐसे में समारोह के दौरान टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए प्रशासन ने जिले भर के किसान नेताओं के साथ लघु सचिवालय में बैठक की। डीसी कार्यालय के बैठक कक्ष में अधिकारियों व किसान नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत चली। किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन भाजपा नेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण न करने दें यदि उस दौरान युवाओं की भीड़ बेकाबू हो गई तो उन्हें रोक पाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा।
प्रशासन का आग्रह : प्रशासन की तरफ से बैठक में डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, एसपी राजेश कुमार के अलावा सभी डीएसपी मौजूद थे। अधिकारियों ने कहा कि किसान 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड व अन्य कार्यक्रम दोपहर 12 बजे के बाद कर लें। इससे प्रशासन की तरफ से करवाया जाने वाला कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो जाएगा। किसानों का प्रदर्शन भी शांतिपूर्ण रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था बनाना आसान रहेगा।
किसानों का जवाब : किसानों की तरफ से बैठक में कामरेड रामचंद्र सहनाल, रामकुमार बहबलपुरिया, भगवान पाल सिंह अहरवां समेत करीब 30 नेता थे। किसान नेताओं ने कहा कि किसान आक्रोश में हैं। युवाओं में सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। किसानों ने ठान रखी है कि भाजपा नेताओं को ध्वजारोहण नहीं करने देंगे। ऐसे में यदि भाजपा का कोई नेता ध्वजारोहण करने पहुंचा तो युवा भड़क सकते हैं। प्रदर्शनकारी बेकाबू हो सकते हैं जिससे कार्यक्रम में शांति भंग हो सकती है।
अधिकारी करें ध्वजारोहण, किसान भी शामिल होंगे : प्रशासन व किसान नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद किसान नेता भगवान पाल सिंह अहरवां ने बताया कि हमने अधिकारियों को ध्वजारोहण करने को कहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई प्रशासन या सरकार से नहीं है उनकी लड़ाई सत्ता में बैठे नेताओं से है। सत्ताधारी भाजपा नेताओं के खिलाफ गुस्सा है जिन्हें जनता ने चुना और वे अब मुंह फेर कर बैठे हैं। यदि प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी ध्वजारोहण करता है तो किसानों को ऐतराज नहीं है, किसान भी समारोह में शामिल होंगे। किसानों को भी देश से प्रेम है। वे समारोह के खिलाफ नहीं है।
बेनतीजा रही बैठक : प्रशासन व किसानों के बीच बैठक बेनतीजा रही। प्रशासन असमंजस की स्थिति में है। किसान नेताओं ने बाहर आकर मीडिया के सामने अपनी बात रख दी है। मगर प्रशासन की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। प्रशासन टकराव की संभावना को टालने के प्रयास में है।
दो किलोमीटर का फासला, टकराव की आशंका : जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह पुलिस लाइन में होना है। राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने बतौर मुख्यातिथि आना है। पुलिस लाइन के सामने से हाईवे गुजरता है। इसी हाईवे पर पुलिस लाइन से महज दो किलोमीटर की दूरी पर लघु सचिवालय है। यहां पर किसानों ने अपना कार्यक्रम तय किया हुआ है। किसान 26 जनवरी के मौके पर हजारों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर पहुंचेंगे। यहां पर तिरंगा फहराने का भी कार्यक्रम रखा हुआ है। करीब एक सप्ताह पहले किसानों ने रिहर्सल की थी तब भी करीब दो हजार ट्रैक्टर आए थे। ऐसे में भाजपा नेताओं व किसानों के बीच टकराव की आशंका है।