कृषि विधेयक के खिलाफ पिछले कई दिनों से जारी किसान आंदोलन रविवार को जिलेभर में सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए जिले की कई सड़कें भी जाम कर दी। हालांकि जिला प्रशासन ने जाम के चलते इन रूटों पर ट्रैफिक पहले ही डायवर्ट कर दिया, जिसके चलते आम लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
फतेहाबाद के लघुसचिवालय के बाहर गुस्साए विधेयकों ने राज्यसभा में कृषि विधेयक पास होने की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के चित्रों वाले होर्डिंग जलाकर अपना विरोध जताया। रविवार को फतेहाबाद के लघुसचिवालय के सामने मुख्य सड़क के अलावा जिले में कन्हड़ी, समैण के किसानों ने हिसार को चंडीगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 148बी को जाम कर दिया। इसके अलावा कुलां, भूना और भट्टू में भी कई जगहों पर गुस्साए किसानों ने रोड जाम किए। फतेहाबाद में आंदोलनरत किसानों को प्रदर्शन के दौरान आढ़तियों व मजदूरों का भी पूरा सहयोग मिला। पहले ये ऐलान किया गया था कि लघुसचिवालय में प्रदर्शन के बाद डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा, लेकिन कृषि विधेयक के पास होने के सूचना मिलने के बाद किसानों ने डीसी को ज्ञापन भी नहीं सौंपा।
अनाज मंडी में हुए एकत्रित, राजनेता पहुंचे, लेकिन नहीं दिया गया बोलने
फतेहाबाद में किसानों व आढ़तियों ने रोष प्रदर्शन से पहले अनाज मंडी के बाहर वाले शेड के नीचे एकत्रित होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। इस दौरान कई राजनीतिक दलों के नेता भी किसानों व आढ़तियों को अपना समर्थन देने पहुंचे। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं कांग्रेस नेता प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा व इनेलो जिलाध्यक्ष बलविंदर कैरों इन राजनेताओं में शामिल रहे। हालांकि बाद में लघुसचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया सचिव विनीत पूनिया को जरूर किसानों ने मंच पर आकर बोलने का मौका दिया। पूनिया ने किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए केंद्र व प्रदेश की बीजेपी-जजपा सरकार पर जमकर हमले बोले और कांग्रेस की ओर से संसद के बाहर और अंदर दोनों जगह किसानों को समर्थन का ऐलान किया।
प्रशासन ने लघुसचिवालय पर की थी तैयारी, भूना मोड़ पर किसानों ने लगा दिया जाम तो छूटे प्रशासन के पसीने
रविवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार किसानों ने रोष मार्च करते हुए लघुसचिवालय पहुंचना था और वहां पर रोड जाम करने के बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपना था। इसी के चलते प्रशासन ने भी लघुसचिवालय के बाहर पुलिस प्रबंध पुख्ता किए हुए थे, लेकिन रोष मार्च के दौरान अचानक किसानों ने स्थानीय भूना मोड़ पर ही जाम लगा दिया। ये सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए। हालांकि यहां पर किसानों ने महज दस मिनट ही जाम लगाया और इसके बाद लघुसचिवालय पहुंचकर सड़क को दोनों ओर से जाम कर दिया।
किसान नेताओं के साथ साथ व्यापार मंडल ने भी सरकार पर बोला हमला
प्रदर्शन के दौरान ीकिसान नेताओं प्रोफेसर जयपाल लुधियाना, जग्गी कंग, सुखदीप रंधाना, बलदेव महमदगी, गगन हड़ौली के साथ साथ फतेहाबाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों सुभाष मुंजाल, गुरदीप अमृतसरिया आदि ने भी कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर हमले बोले। टोहाना में भी अनाज मंडी परिसर में कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस, इनेलो व आप नेताओं ने धरने पर पहुंचकर किसानों, आढ़तियों को समर्थन दिया। धरने के दौरान इनेलो किसान सैल जिलाध्यक्ष गुरचरण सिंह, कांग्रेस किसान सैल जिलाध्यक्ष बलजिंद्र सिंह, आप नेता सुखविंद्र सिंह व कांग्रेस से पूर्व जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह के बेटे ने समर्थन किया।