फतेहाबाद के गांव मानावाली निवासी किसान भूपसिंह व उसके भाई मारूराम की गांव में कृषि योग्य भूमि है। उन्होंने अपनी 2.16 हेक्टेयर भूमि पर नरमा की फसल का बीमा करवाया था। 31 जुलाई 2017 को उनके खाते से 2980 रुपये बीमा राशि के रूप में काट लिए गए थे। इसके बाद उनकी नरमा की फसल अधिक बारिश के कारण खराब हो गई थी।
फतेहाबाद के किसान अब जागरूक होने लगे हैं। बीमा कंपनी से लेकर कृषि उत्पाद व रसायन विक्रेताओं की ओर से उनके साथ हेराफेरी करते ही वह उपभोक्ता फोरम का रुख करने लगे हैं। इससे कंपनियों को न केवल सबक मिल रहा है बल्कि किसानों को उचित न्याय भी मिलने लगा है।
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45 दिन के भीतर ब्याज सहित यह राशि देनी होगी
इसी तरह के मामले में किसान का फसल बीमा करने के बावजूद उसे खराब फसल का मुआवजा नहीं देने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी पर जुर्माना लगाया है। किसान को छह फीसदी ब्याज सहित 41 हजार 698 रुपये की बीमा राशि देने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, फोरम ने बीमा कंपनी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। किसान को 45 दिन के भीतर ब्याज सहित यह राशि देनी होगी।
बारिश के कारण खराब हुई थी फसल
जानकारी के अनुसार गांव मानावाली निवासी किसान भूपसिंह व उसके भाई मारूराम की गांव में कृषि योग्य भूमि है। उन्होंने अपनी 2.16 हेक्टेयर भूमि पर नरमा की फसल का बीमा करवाया था। 31 जुलाई 2017 को उनके खाते से 2980 रुपये बीमा राशि के रूप में काट लिए गए थे। इसके बाद उनकी नरमा की फसल अधिक बारिश के कारण खराब हो गई तो उन्होंने बजाज एलायंस बीमा कंपनी से 41 हजार 698 रुपये का क्लेम किया था। मगर बीमा कंपनी की ओर से उनको क्लेम देने से मना कर दिया।
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इसके बाद किसान भूपसिंह ने अपने वकील के माध्यम से 9 अक्तूबर 2018 को उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए अब उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन राजबीर सिंह ने किसान को छह फीसदी ब्याज सहित बीमा राशि देने के आदेश दिए हैं। साथ ही बीमा कंपनी को 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।