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Fatehabad: घर में कलेश से टूट रहे परिवार; सहनशक्ति खत्म होने से अपनों से दूर जा रहे लोग, पढ़ें ये रिपोर्ट

Wed, 15 Nov 2023 01:03 PM IST
नवीन दलाल मुकेश खुराना, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

इस साल 10 माह में फतेहाबाद के अलग-अलग थानों में 551 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। यानि 551 लोग लापता हुए हैं, इसमें से अब तक 424 लोग ही घर लौटे हैं। 10 माह बाद भी 127 लोगों का पता नहीं चला है।
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फतेहाबाद सदर थाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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घर में क्लेश की वजह से परिवार तो टूट रहे हैं तो सहनशक्ति खत्म होने के चलते भी लोग अपनों से दूर जा रहे हैं। ये ही नहीं प्रेम प्रसंग के चलते भी युवा बालिग होते ही घर से लापता हो रहे हैं। आंकड़े के अनुसार जिले में रोजाना एक से ज्यादा लोग लापता हो रहे हैं।

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कुछ मामलों में लापता लोग लौट रहे हैं तो कोई लंबे अरसे बाद भी घर नहीं आया है। इस साल 10 माह में जिले के अलग-अलग थानों में 551 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। यानि 551 लोग लापता हुए हैं, इसमें से अब तक 424 लोग ही घर लौटे हैं। 10 माह बाद भी 127 लोगों का पता नहीं चला है। वहीं पुलिस विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में गुमशुदगी के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। संवाद

पुलिस की नहीं मिल पाती है मदद
लापता मामले में थाने में शिकायत पहुंचने पर पुलिस जल्द मामला दर्ज करने करने से कतराती है। मामला दर्ज करने के बाद भी छानबीन करने के मामले में पुलिस की तरफ से परिवार को मदद नहीं मिल पाती है। फतेहाबाद के भूना निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसका बेटा लापता हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज किया। लेकिन इसके बाद न तो ट्रेस किया गया और न ही अन्य कार्रवाई की गई। अपने स्तर पर ही बेटे के बारे में पता लगाया गया।
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केस नंबर एक
सदर थाना के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि उसके पति 5 नवंबर को लापता हो गए थे। अपने स्तर पर ढूंढ़ा लेकिन पता नहीं चला। पुलिस ने मामला दर्ज किया है लेकिन अभी तक पता नहीं चला है। मोबाइल भी बंद आ रहा है। मानसिक रूप से परेशान थे और घर से लापता हो गए।

केस नंबर दो
फतेहाबाद क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी 18 साल की बेटी कॉलेज में गई थी। लेकिन उसके बाद लापता हो गई। बेटी का अभी तक पता नहीं चला है। मोबाइल भी नहीं मिल रहा है।

परिवार की जिम्मेदारी पहले, बच्चों पर रखें निगरानी
परिवार वालों के खिलाफ जाकर शादी करने के लिए बच्चे घर से भाग जाते हैं। जबकि परिवार को इस बारे में पहले से पता होता है जब पुलिस ट्रेस करती है तो सामने ये ही बातें आती है। इसलिए परिवार की जिम्मेदारी भी बनती है कि निगरानी रखें। इसके अलावा कई लेनदेन के मामले होते हैं और परिवार में कलेश की वजह से भी लापता हो जाते हैं। पुलिस अपने स्तर पर लोकेशन ट्रेस करके ढूंढने का प्रयास करती है। लेकिन पुलिस के पास संसाधनों का अभाव भी एक वजह है। -जगदीश चंद्र, सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर।

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