फतेहाबाद। नगर परिषद के नए हाउस के गठन के बाद शहर में 35 करोड़ के कामों को लेकर प्रोजेक्ट तो कई बने लेकिन सिरे एक भी नहीं चढ़ा है। इसके पीछे कारण गुटबाजी रही है। अब नगर परिषद ने 100 कामों को लेकर एस्टीमेट तैयार किए हैं। लेकिन वित्तीय कमेटी की बैठक होने के बाद तीसरे दिन भी इन कामों को करवाने को लेकर मंजूरी नहीं मिली है। उपप्रधान ने अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उपप्रधान का कहना है कि उन्हें नोटिफिकेशन की कॉपी नहीं मिली है और कोई भी काम रोका नहीं जाएगा।
आचार संहिता खत्म होने के बाद नगर परिषद द्वारा अब विकास कार्य करवाने को लेकर पहले 55 एस्टीमेट का प्रस्ताव तैयार किया। प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने बुधवार को वित्तीय कमेटी की बैठक बुलाई। इसमें 45 और कामों को जोड़ा गया लेकिन उपप्रधान सविता टुटेजा ने हस्ताक्षर से मना करते हुए कहा कि वह पहले वार्डों के चयनित कामों और एस्टीमेट को चेक करेंगी और इसके बाद हस्ताक्षर किए जाएंगे। फिलहाल इस मामले को लेकर पार्षद भी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।
विधायक की नजदीकी उपप्रधान, प्रधान खिंची बना रहे दूरी
नगर परिषद के नए हाउस के गठन के साथ विवाद भी शुरू हुए। इसके चलते शहर के विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। नगर परिषद में लंबे समय तक प्रधान के कक्ष में उपप्रधान की कुर्सी को लेकर विवाद रहा। इसके चलते प्रधान और उपप्रधान में खींचतान रही। लेकिन अब दोनों के बीच मनमुटाव खत्म हो गया है लेकिन बावजूद इसके विकास कार्य सिरे नहीं चढ़ रहे हैं। कारण ये भी माना जा रहा है कि नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची की विधायक दुड़ाराम के साथ दूरी है जबकि सविता टुटेजा विधायक की नजदीकी मानी जा रही है। वहीं प्रधान खिंची सिरसा विधायक गोपाल कांड और उनके भाई गोबिंद कांडा से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं। वीरवार को गोबिंद कांडा के शहर में हुए कार्यक्रम में भी साथ रहे।
कोट
मुझे अभी तक नोटिफिकेशन की कॉपी नहीं मिली है। वार्डों के कामों को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। एमसी ने जो काम दिए है वह सोच-समझकर ही दिए हैं। इसके अलावा जो अन्य काम उसके एस्टीमेट को चेक करूंगी, अगर कोई ज्यादा है तो प्रयास रहेगा कि कम एस्टीमेट में काम करवाया जा सके। शहर में विकास कार्य नहीं रोके जाएंगे।
- सविता टुटेजा, उपप्रधान नगर परिषद
कोट
शहर में विकास कार्य हो, ये सभी चाहते हैं। ऐसी कोई बात नहीं है। जो औपचारिकता है उसे सोमवार या मंगलवार तक पूरा कर लिया जाएगा और फिर टेंडर लगने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नोटिफिकेशन की कॉपी उनके पास नहीं है, इस बारे में जानकारी नहीं है।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद