सोशल मीडिया के प्रयोग में तेजी आने के साथ ठगों ने इसके द्वारा ठगी करने में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। पिछले करीब तीन से चार माह में फेसबुक आईडी हैक करके रुपये मांगने के मामले भी बढ़ने लगे हैं। हैकर फेसबुक आईडी हैक करके करीबियों से मदद मांग रहे हैं। कोई बीमारी तो कोई दुर्घटना का बहाना करके फेसबुक पर फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोगों से रुपये मांग रहा है। कई मामलों में लोगों ने ठगों की बातों में आकर रुपये भी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए हैं।
जिला में रोजाना फेसबुक आईडी हैक होने के तीन से चार मामले सामने आ रहे हैं। इसमें निम्न वर्ग से लेकर उच्च वर्ग के लोग शामिल हैं। सोशल मीडिया आईडी को हैक करके ठगी करने वाले शातिर हैकर को पकड़ने में पुलिस नाकाम है। पुलिस की आईटी ब्रांच इतनी मजबूर नहीं है कि आईडी हैक करने वालों को पकड़ सके। इसके चलते पुलिस फेसबुक आईडी हैक करने के मामलों में एफआईआर दर्ज करने में भी कतरा रही है।
दो मामलों की पुलिस ने मेल कर अमेरिका से मांगी मदद
लॉकडाउन के दौरान से अब तक फेसबुक आईडी हैक कर परिचितों से रुपये मांगने के मामले बढ़े हैं। जिले में रोजाना तीन से चार केस सामने आ रहे हैं। इन मामलों को सुलझाने में पुलिस बेबस है। साइबर सेल की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे दो मामले चयनित करके फेसबुक के अमेरिका कार्यालय से मदद मांगी गई है। पुलिस ने मेल के द्वारा शिकायत भेजी है। अमेरिका मुख्यालय में ही जांच होगी कि किसके द्वारा आईडी को हैक किया गया और फिर रुपयों की डिमांड की गई।
केस एक : मेरी फेसबुक आईडी दो दिन पहले हैक हो गई और मेरे करीबी सतबीर को मैसेंजर पर मैसेज करके मदद के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे गए हैं। करीबी सतबीर ने मुझे फोन के द्वारा इस मामले के बारे में बताया। फिलहाल मैंने अपनी फेसबुक आईडी का पासवर्ड बदल लिया है और इस संबंध में पुलिस को भी सूचना दूंगा। - विजय कुमार, प्रधान श्री श्याम बाबा वेलफेयर सोसायटी।
केस दो : ऑटो मार्केट व्यापारी केवल सिंह की भी चार दिन पहले हैकरों ने फेसबुक आईडी हैक कर रिश्तेदारों से रुपयों की डिमांड की। केवल सिंह का कहना है कि हैकर ने रिश्तेदार से पांच हजार रुपये मांगे। जब उन्हें पता चला तो आईडी का पासवर्ड बदल लिया गया।
फेसबुक आईडी हैक करने के मामले सामने आ रहे हैं। हमने जांच के लिए दो केस अमेरिका मुख्यालय में मेल के द्वारा भेजे हैं। इसमें लंबा समय लग जाता है। फेसबुक चलाने वाले को चाहिए कि वह प्राइवेसी लगाकर रखें। समय-समय पर पासवर्ड को बदलना जरूरी है। आमतौर पर फेसबुक को करीब लोग ही हैक करते हैं। - सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, इंचार्ज साइबर सेल।