टोहाना। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चीनी व्यापारी मनोज गोयल ने कहा कि डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ गया है। चीनी मंगाना अब पहले से महंगा पड़ रहा है। इसका सीधा असर त्योहारी सीजन की कीमतों पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि डीजल पर टैक्स में राहत दी जाए, वरना आम आदमी की थाली भी महंगी होगी। फिलहाल मंडी में चीनी का थोक भाव 44 रुपये से बढ़कर 46 रुपये किलो है।
व्यापारी अतुल ने कहा कि तेल कंपनियों द्वारा लगातार की जा रही बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ेगी और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होंगी। पहले ही बाजार में मंदी है, ऊपर से डीजल-पेट्रोल के रेट बढ़ने से खर्च बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर किराना, सब्जी और दवाइयों पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से तत्काल एक्साइज ड्यूटी घटाने की मांग की।
अतुल के मुताबिक छोटे व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है। सुरेंद्र गर्ग ने कहा कि आम आदमी पहले ही महंगाई की मार झेल रहा है, ऐसे में ईंधन के बढ़ते रेट ने मध्यम वर्ग और किसानों की कमर तोड़ दी है। गर्ग ने सरकार से मांग की कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए ताकि जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जी, अनाज और रोजमर्रा की हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं। मजदूर को काम पर जाना भी मुश्किल हो गया है।