पराली जलाने की घटनाओं में लगातार होती बढ़ोतरी पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचाने में जुटी हैं। इस सीजन में शुक्रवार का दिन सबसे प्रदूषित साबित हुआ और वीरवार देर रात से लेकर शुक्रवार सारा दिन तक फतेहाबाद शहर गैंस चेंबर के रूप में बना रहा। वीरवार देर रात लगभग चार घंटे तक प्रदूषण मापने वाला एक्यूआई स्तर पांच सौ के पार रहा। जिसका असर शुक्रवार भी साफ तौर पर शहर के आसमान में देखने को मिला। शुक्रवार को एक्यूआई लगभग 416 रहा। दूसरी ओर किसानों की मुश्किलें भी कम होने का नाम नहीं ले रही। शुक्रवार को भी जिले में पराली जलाने के मसले में कई किसानों पर मुकदमा दर्ज करने की सूचना है।
वीरवार रात सात से 11 बजे तक पांच सौ के पार रहा एक्यूआई स्तर
जानकारी के अनुसार वीरवार रात सात बजे से लेकर देर रात 11 बजे तक एक्यूआई स्तर 504 तक पहुंच गया। ये अपने आप में काफी हाई लेवल है और इस सीजन में फतेहाबाद जिले में ये स्तर देखने को नहीं मिला था लेकिन वीरवार रात इसने अपने उच्चतम स्तर को भी छू लिया। जिला प्रशासन के अधिकारी इसके पीछे बड़ा कारण ये मान रहे हैं कि वीरवार सायं को जरूर आसपास कई खेतों में पराली को जलाया गया है जिसके कारण एकाएक प्रदूषण स्तर में इतनी बढ़ोतरी हुई है क्योंकि इन दिनों किसी प्रकार की कोई आतिशबाजी भी नहीं हो रही है। ऐसे में पराली जलाने के अलावा कोई और कारण प्रदूषण बढ़ोतरी का नजर ही नहीं आता।
शुक्रवार सारा दिन सौ के आसपास रहा पीएम-2.5 का स्तर
सिर्फ एक्यूआई स्तर ही नहीं, बल्कि हानिकारक अणुओं से लैस पीएम-2.5 का स्तर भी पिछले दो दिन से लगातार उच्चतम स्तरों पर बना हुआ है। शुक्रवार को हालात इस कदर बिगड़े कि पीएम-2.5 सारा दिन ही सौ के आसपास पर रहा। जिसके कारण सारा दिन शहर में स्मॉग की स्थिति बनी रही और धूप तक के दर्शन नहीं हुए। प्रदूषण की ये स्थिति सेहत के लिए सबसे चिंताजनक मानी जाती है।
टोहाना में कई किसानों के खिलाफ केस दर्ज
टोहाना क्षेत्र के गांवों में किसानों द्वारा लगातार धड़ल्ले से पराली जलाई जा रही है। अब इन किसानों पर विभाग सतर्क हो गया है। थाना सदर पुलिस ने कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर गांव ललौदा व भोड़ी के पांच किसानों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने वायु प्रदूषण की धारा 3 व धारा 188 के तहत किसानों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया है।
जानकारी अनुसार सदर पुलिस को दी शिकायत में कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से खेतों में फसल के अवशेष जलाने पर रोक लगाई गई है लेकिन भोडी गांव में जाने पर पता चला कि किसान राम सिंह ने फसल के अवशेष को आग लगाई है जिससे आमजन को नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरे मामले में अन्य एडीओ कृषि विभाग ने बताया कि गांव ललौदा के किसान चरणजीत, दलजीत सिंह, अजमेर, हरपाल सिंह ने भी पराली में आग लगाई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।