टोहाना। नगर परिषद परिसर में शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ की बैठक में कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण और सेवा-सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में प्रदेश सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों को समय रहते लागू नहीं किया गया तो 19 जनवरी को जिला स्तर पर व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता खंड प्रधान कृष्ण ने की, जबकि संचालन सचिव कुलदीप शर्मा ने किया। प्रदेश महासचिव कृष्ण नैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अनियमित, असुरक्षित और पेंशन से वंचित रखना राज्य और समाज दोनों के भविष्य के लिए घातक है। शिक्षा विभाग सहित अनेक सरकारी विभाग गंभीर संकट से गुजर रहे हैं, जहां वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारी आज भी अस्थायी व्यवस्था में कार्य कर रहे हैं।
कृष्ण नैन ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 23 और 31 दिसंबर को दिए गए निर्णयों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1993, 1996, 2003 और 2011 की नीतियों के अनुसार पात्र कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। साथ ही दस वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को पद सृजन कर स्थायी दर्जा दिया जाए। इसके बावजूद सरकार इन फैसलों को लागू करने में टालमटोल कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लगभग 20 हजार अनियमित शिक्षक और शिक्षा कर्मचारी पिछले 10 से 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न नियमित वेतन मिला है और न ही पेंशन या अन्य सुविधाएं। अन्य विभागों में भी 40 से 50 हजार कच्चे कर्मचारी शोषण पूर्ण परिस्थितियों में कार्यरत हैं।
कृष्ण नैन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो सभी गेस्ट टीचर, कौशल शिक्षक, आरोही स्कूल शिक्षक, वर्क एजुकेशन इंस्ट्रक्टर, कंप्यूटर शिक्षक, लैब अटेंडेंट और कच्चा सहायक स्टाफ 19 जनवरी को उपायुक्त कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में कोषाध्यक्ष विनोद सिल्ला, सुभाष, कर्मवीर, अनिल, वकील सिंह, रविंद्र, तरसेम और राजेंद्र सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।