फतेहाबाद में बिजली उपभोक्ता को निगम द्वारा भेजा गया सिक्योरिटी सहित बिल
फतेहाबाद। बिजली निगम ने ग्राहकों धीरे से एक और झटका दिया है। उपभोक्ताओं को अब खपत के अनुसार ही सिक्योरिटी चार्ज जमा करवाना होगा। निगम इन दिनों उपभोक्ताओं के औसत बिल के आधार पर सिक्योरिटी राशि तय कर रहा है। डिफाल्टरों से बचने के लिए हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के निर्देशानुसार सभी सक्रिय बिजली उपभोक्ताओं को वित्तीय वर्ष में दो औसत बिलिंग चक्र के बराबर सिक्योरिटी राशि रखना अनिवार्य कर दिया है। फतेहाबाद शहर में फिलहाल करीब 27 हजार उपभोक्ता हैं, जिनके बिलों में सिक्योरिटी राशि लगकर आ रही है।दरअसल, बिजली निगम के पास डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। फतेहाबाद में 10 हजार से अधिक बिजली बिल बकाया वाले चार हजार से अधिक डिफाल्टर उपभोक्ता हैं। इनके कनेक्शन काटने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह डिफाल्टिंग राशि आगे और न बढ़े, इसके लिए बिजली निगम ने उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी चार्ज लेने शुरू कर दिए हैं। निगम अब छह माह का औसत बिल देखकर बिजली बिल में सिक्योरिटी चार्ज लगाकर भेजने लगा है।
समझिए कैसे लगेगा सिक्योरिटी चार्ज
बिजली उपभोक्ताओं के छह बिलों के औसत के आधार पर सिक्योरिटी राशि तय की गई है। अगर उपभोक्ता की एडवांस कंजम्पशन डिमांड (एसीडी) औसत बिजली बिल से कम है तो उपभोक्ता के दो बिलों में चार्ज लगाकर वसूली की जाएगी। अगर सिक्योरिटी राशि अधिक है तो उपभोक्ता को बिजली बिल में वह राशि कटौती कर राहत दी जाएगी। उदाहरण के लिए अगर किसी उपभोक्ता का 2000 हजार रुपये हर माह बिल आता है, तो बिजली निगम 4000 रुपये की सिक्योरिटी राशि खातों में जमा रखता है ताकि डिफाल्टर होने पर वह राशि सिक्योरिटी अमाउंट में से काटी जा सके।
केस नं.1
उपभोक्ता नीतू रानी ने बताया कि हमारा इस बार बिजली बिल 7789 रुपये आया है। इसमें सिक्योरिटी चार्ज 2500 रुपये जुड़ी हुई है। हमारा औसतन बिजली बिल 1800 से 2000 रुपये आता है। नियमित रूप से बिजली बिल भरने वालों से सिक्योरिटी चार्ज वसूलना गलत है। बिजली निगम को यह फैसला वापस लेना चाहिए।
केस नं.2
उपभोक्ता मदनलाल ने बताया कि उनका इस बार 4500 रुपये बिल आया है, जिसमें 1500 रुपये सिक्योरिटी चार्ज दर्शाया हुआ है। हम नियमित रूप से बिल भरते हैं, फिर इस तरह अतिरिक्त पैसा वसूलना जायज नहीं है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं से तो बिजली निगम वसूली भी नहीं कर पाता है। ज्यादा मार ईमानदार उपभोक्ता को ही झेलनी पड़ती है।
कोट
हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के निर्देशानुसार सभी सक्रिय बिजली उपभोक्ताओं को वित्तीय वर्ष में दो औसत बिलिंग चक्र के बराबर सिक्योरिटी राशि रखना अनिवार्य है। छह माह में बिजली बिलों के साथ उपभोक्ताओं का सिक्योरिटी चार्ज जुड़कर आएगा।
-मानिक, एसडीओ, फतेहाबाद।