फतेहाबाद। मिड डे मील राशन की राशि को लेकर शिक्षा विभाग बैकपुट पर आ गया है। अब दुकानदार के खाते में सीधा मिड डे मील की राशि जारी नहीं होगी। शिक्षा विभाग स्कूल डीडीओ को बजट जारी करेगा। इसके बाद स्कूलों को राशि जारी होगी। स्कूल मिड डे मील के लिए राशन खरीदकर उसका भुगतान कर सकेंगे।
इसको लेकर शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए है। नए आदेशों के मुताबिक मिड डे मील को सुचारू रूप से चलाने के लिए डीडीओ को स्कूल फंड का खाता देना होगा। इस स्कूल फंड खाते में मिड डे मील की राशि जारी होगी।
शिक्षा विभाग के नए फैसले से नहीं पक रहा था मिड डे मील
शिक्षा विभाग ने मिड डे मील को लेकर फेरबदल किया था। मिड डे मील की कुकिंग कोस्ट के लिए स्कूलों को दुकानदार का खाता देना था, जिसके पास जीएसटी नंबर होना अनिवार्य था। स्कूल इंचार्ज इसको लेकर परेशान थे। स्कूल इंचार्ज का कहना था कि उधार में न तो राशन मिलेगा और न ही सब्जी खरीद पाएंगे। इसके चलते मात्र 10 फीसदी स्कूलों में ही मिड डे मील पक पा रहा था।
शिक्षा विभाग ये जारी करता है कुकिंग खर्च
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग मिड डे मील के कुकिंग खर्च के लिए 4 रुपये 97 पैसे और मिडिल कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 7 रुपये 14 पैसे राशि जारी होती है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की ये है स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
पहली 319
दूसरी 8014
तीसरी 8084
चौथी 8037
पांचवीं 8407
छठी 4762
सातवीं 8683
आठवीं 8199
शिक्षा विभाग का ये फैसला सही है, डीडीओ के खाते में मिड डे मील की कुकिंग कोस्ट जारी होगी। पहले जीएसटी बिल के चक्कर में सब्जी और दूध नहीं खरीद पा रहे थे। ये ही नहीं कोई राशन देने को भी तैयार नहीं था। अब मिड डे मील के लिए शिक्षक आसानी से राशन खरीद पाएंगे।
- विकास टुटेजा, पूर्व जिला प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ