स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला में ई संजीवनी ओपीडी शुरू की गई है। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे ही सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तथा सायं 3 से 5 बजे तक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श ले सकते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते मरीजों को अस्पताल आने की जरूरत न पड़े इसलिए इसकी शुरूआत की गई है। इसको लेकर मरीज को पहले रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं या फिर गर्भवती महिला हैं तो आपको थोड़ी बहुत तकलीफ होने पर उपचार के लिए अब नागरिक अस्पताल आने की जरूरत नहीं है। जिला में ई संजीवनी ओपीडी शुरू कर दी है। इसके लिए मरीज को अपने एंड्राइड फोन पर ई संजीवनी एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद एप पर ही अपने मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन कर अपनी तकलीफ बतानी होगी। इस सेवा का लाभ लेने के लिए नागरिकों को अपने स्मार्ट फोन से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जिसके बाद विडियो काल या वेब कैमरे के जरिये रोगी से चिकित्सक की बात हो सकेगी। संबंधित चिकित्सक मरीज से बात करेगा और उसे क्या क्या एहतियात बरतनी है इन सबके बारे में परामर्श तो देगा ही इसके साथ कौन सी दवाई की आवश्यकता है इसके बारे में भी बताएगा।
बीमार मरीज व गर्भवती महिलाएं अस्पताल आने पर कोरोना संक्रमित न हो इसलिए ई संजीवनी ओपीडी शुरू की गई है। कोरोना संक्रमित होने पर ज्यादा दिक्कत गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों व गर्भवती महिलाओं को होती है। इसके अलावा सबसे ज्यादा चिकित्सक परामर्श की जरूरत भी उन्हीं लोगों को होती है। इन सब को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऐसे मरीजों को ई संजीवनी ओपीडी पर उपचार मुहैया करवाने का फैसला लिया है। - डॉ.नरहरि सिंह बांगड़, डीसी।