फतेहाबाद। जिले के 62 गांवों में ई-लाइब्रेरियों में सामान नहीं पहुंचने से विद्यार्थी परेशान हैं। ग्राम पंचायतों ने छह महीने पहले लाइब्रेरी को शुरू भी करवा दिया है। इसके बावजूद विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए महत्वपूर्ण किताबें नहीं मिल रही हैं।
वहीं पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं की गई है। गौरतलब है कि सरकार ने करीब तीन साल पहले प्रदेश में ई-लाईब्रेरी बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद पंचायती राज विभाग ने जिले के 62 गांवों में लाइब्रेरी के लिए भवनों को तैयार करवाकर फर्नीचर और कुर्सियां ग्राम पंचायतों को दे दी हैं।
सोलर सिस्टम की होनी है व्यवस्था
दरअसल, प्रदेश सरकार की ओर से जून 2024 में सात करोड़ 14 लाख 73 हजार की राशि जारी की गई थी। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए गांवों में आधुनिक ई-लाइब्रेरी बनाई गई। इनमें वातानुकूलित कमरे और हाईटेक कंप्यूटर सिस्टम भी बनाए गए। बिजली की समस्या न बने, इसके लिए इनमें सोलर सिस्टम की व्यवस्था भी की जानी थी। इसमें एक लाईब्रेरियन की नियुक्ति भी की जानी है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट को अब ठंडे बस्ते में डाल दिया है, जिससे इन 62 गांवों को ई-लाईब्रेरी की सुविधा नहीं मिल सकी हैं।
ई-लाइब्रेरी में सामान कम के होने के चलते काफी दिक्कतें पेश आती हैं। वहीं बिजली कट लगने के बाद कुछ घंटों में इन्वर्टर डाउन हो जाता है। कुछ ही मिनटों के बाद पंखे बंद हो जाते हैं। ऐसे में गर्मी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है।
- सोमबीर, युवा, मेहूवाला
ई-लाइब्रेरी में सामान अधूरा होने के चलते परेशानी होती है। कई बार प्रशासन से मांग की गई है, लेकिन सामान पूरा नहीं पहुंच सका है। हालांकि ग्राम पंचायत की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है। ऐसे में ई-लाइब्रेरी को शुरू कर दिया गया है। इससे बैठकर पढ़ने में आसानी है अगर सामान पूरा हो हो जाता है तो इससे विद्यार्थियों को और भी आसानी होगी।
- मोनू, युवा, मेहूवाला
-जिले के 62 गांवों में ई-लाइब्रेरियों के लिए फर्नीचर कुर्सियां और भवन मरम्मत का कार्य करवा दिया गया है, लेकिन पुस्तक और बिजली आदि कुछ का सामान पहुंचना बाकी है। इसके लिए राज्य स्तर से सामान भेजा जाना है। जैसे ही बाकी बचा हुआ है विभाग के पास आता है, उसके तुरंत बाद ग्राम पंचायतों को सामान सौंप दिया जाएगा।
- देवेंद्र सिंह, कार्यकारी अभिंयता, पंचायती राज विभाग