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Fatehabad News: अधिक बारिश के कारण खेतों में हुआ जलभराव, फसलें हो रहीं प्रभावित

Tue, 09 Jul 2024 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। जिले में अधिक बारिश होने के कारण नरमें, ज्वार और मूंगफली आदि की खरीफ फसलों में पिछले चार-पांच दिनों से बारिश का पानी जमा गया है। इस कारण फसलें प्रभावित हो गई हैं। फतेहाबाद से रतिया रोड और भूना रोड के किनारे लगते खेतों में तीन से चार फुट तक बारिश का पानी जमा होने से धान की फसलें नष्ट हो रही है।
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वहीं, नेशनल हाईवे के साथ लगते द आर्यन स्कूल के सामने बने माजरा अंडरब्रिज से होकर पानी शहर की ओर आना शुरू हो गया है। इसको लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी कर एडीसी राहुल मोदी को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की है। इस दौरान पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के जिला प्रधान ओमप्रकाश ने कहा कि जिले में पिछले वर्ष बाढ़ के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थी। इसकी मुआवजा राशि अभी तक जारी नहीं हुई है। प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं किए। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से किसानों की फसलें इस बार भी खतरे में हैं। जिले की सेम ग्रस्त जमीन में नरमे की फसलें पहली बारिश से ही नष्ट हो गई थी।
अब लगातार हो रही बारिश के कारण सेम ग्रस्त जमीन में कोई दूसरी फसल की बुवाई भी नहीं हो सकती है। करनौली इकाई के प्रधान तरसेम सिंह ने कहा कि जिले के किसानों ने धान की फसल की रोपाई लगभग पूरी कर ली है, जिसमें प्रति एकड़ करीब 15000 खर्च आया है और अब फसल बर्बाद हो गई है, ऐसे में किसानों को सरकार द्वारा स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा राशि दी जाए। इस दौरान पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के जिला प्रधान ओमप्रकाश, जगतार सिंह, सुरेश गढ़वाल, छबील दास, टोहाना खंड के प्रधान मनजीत सिंह, सचिव सूखा पंडाल, करनौली इकाई प्रधान तरसेम सिंह और राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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ज्वार की फसल में पानी भरने से बढ़ सकते हैं हरे चारे के दाम

गांव ढांड की गोशाला के प्रधान अशोक भुक्कर ने बताया कि जिले में अधिक बारिश के कारण ज्वार की फसल में पानी जमा हाे गया है। ऐसे में अगर अब दोबारा बारिश होती है तो आने वाले दिनों में जिले में हरे चारे का संकट हो सकता है। हालांकि, अभी तक चारे की कोई कमी नहीं है।
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