टोहाना। सेवा भारती संस्था द्वारा स्वामी दयानंद स्वास्थ्य केंद्र में विश्व लिवर दिवस पर गोष्ठी व डायबिटीज जांच शिविर आयोजित किया गया। डाॅ. शिव सचदेवा ने बताया कि वर्तमान समय में अल्ट्रासाउंड कराने पर अधिकतम रिपोर्ट में फैटी लीवर लिखा आता है। इसमें वक्त पर इलाज न करवाना घातक सिद्ध हो सकता है। प्रति वर्ष इसके प्रति जागरूकता के लिए 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। जीवन शैली और आहार में गड़बड़ी के कारण कम आयु के लोग भी लिवर रोगों के शिकार हो रहे हैं।
लिवर शर्करा को नियंत्रित करता है तथा ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलता है तथा प्रोटीन पोषण की मात्रा को संतुलित कर शरीर में रक्त बनाता है। हमें अच्छा आहार लेना तथा पर्याप्त मात्रा में व्यायाम करना चाहिए। ऐसा भोजन करें जिसमें नमक, चीनी, मैदा, चिकनाहट कम हो। शराब का अधिक सेवन न करें, रेड मीट से दूर रहें। इसके बजाय हरा पत्तेदार साग, साबुत अनाज, पनीर, सोया, बादाम व अखरोट का सेवन करें। वर्ष में एक बार एलएफटी भी करवा लेना चाहिए। डॉ. सचदेवा ने बताया कि डायबिटीज का आम तौर पर नकारात्मक प्रभाव आंखों, किडनी, नसों, पैरों और दांतों में दिखाई देने लग जाते हैं। अगर आप प्री-डायबिटीज हैं तो आहार व शारीरिक व्यायाम के साथ जोखिम को घटा सकते हैं। पवन शर्मा एवं गौरव ने डायबिटीज की जानकारी दी तथा सुलतान सिंह व राहुल ग्रोवर ने लिवर के विषय में बताया। शिविर में 50 मरीजों को डायबिटीज की जांच करके दवाइयां दी गई। इस दौरान संघ प्रमुख प्रेम प्रकाश शास्त्री, सेवा भारती संस्था के अध्यक्ष सत प्रकाश शर्मा, बाबू राम, सुभाष जैन, तरसेम कांसल, हरीश, हरिचंद, गिरधर, संजय जैन व राहुल आदि उपस्थित थे।