लाल बत्ती चौक पर सांकेतिक जाम लगाते प्रवीन काशी व आंदोलनकारी।
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फतेहाबाद। नशे के खिलाफ दूसरी बार अनशन पर बैठे प्रवीन काशी ने अब प्रशासन के साथ आरपार की लड़ाई का मूड बना लिया है। बुधवार को रोष मार्च की समाप्ति पर लाल बत्ती चौक पर उनके सांकेतिक जाम ने एकबारगी तो पुलिस अधिकारियों और जवानों को सकते में ला दिया। इसके बाद ज्यों ही एसएचओ संजय कुमार उन्हें हटाने पहुंचे तो उन्होंने इसे सांकेतिक जाम बताते हुए पुलिस व जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया कि अगर अगले दो दिन में सिरसा को स्पेशल जोन बनाए जाने की उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो अगला प्रदर्शन और आंदोलन इससे अधिक उग्र होगा। इससे पहले प्रवीन काशी की अगुवाई में दर्जनों लोगों व महिलाओं ने लाल बत्ती चौक से रोष मार्च शुरू कर बस स्टैंड, हंस मार्केट और फव्वारा चौक से होते हुए वापस लाल बत्ती पर आकर खत्म कर दिया। इस आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। रोष मार्च के तकरीबन डेढ़ किलोमीटर लंबे रास्ते में डीएसपी सुभाष चंद्र व एसएचओ संजय कुमार प्रदर्शनकारियों के साथ साथ चलते रहे।
बुधवार को अनशन स्थल लाल बत्ती चौक को पुलिस की छावनी बनी देखकर तो यही लग रहा था कि पुलिस प्रशासन किसी भी कीमत पर यहां पर जाम की स्थिति नहीं आने देना चाहता। इसके चलते काशी के अनशन पर बुधवार सुबह से भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। खुद डीएसपी सुभाष चंद्र व सिटी एसएचओ संजय कुमार वहां पर तैनात थे। हालांकि प्रवीन काशी एक दिन पहले एसडीएम से मुलाकात में ये घोषणा कर चुके थे कि दो दिन में अगर प्रदेश सरकार की ओर से सिरसा को स्पेशल जोन बनाने की घोषणा हो जाती है तो वो आंदोलन समाप्त कर लेंगे, अन्यथा ये आंदोलन और उग्र हो सकता है। बीते दिन एसडीएम सरजीत नैन ने अनशनरत प्रवीन काशी को बताया था कि इस मामले की फाइल अब प्रधान सचिव की टेबल पर पहुंच चुकी है और जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
प्रवीन काशी ने अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद तुरंत अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया था और बाकायदा बुधवार को सांकेतिक चक्का जाम का ऐलान पहले ही कर दिया था। जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने पहले ही अनशन स्थल को छावनी की शक्ल दे दी। हालात ये थी कि लाल बत्ती चौक स्थित जिस पार्क में प्रवीन काशी अनशन कर रहे थे, उस पार्क को लठधारी पुलिसकर्मियों ने घेर रखा था। काशी ने जैसे ही माइक से रोष मार्च का ऐलान किया तो डीएसपी हरकत में आ गए और पार्क के गेट पर ही आंदोलनकारियों को रोक लिया गया। बाद में आंदोलनकारियों की ओर से जब उन्हें ये आश्वासन दिया गया कि ये शांतिपूर्ण रोष मार्च रहेगा तो जाकर उन्हें पार्क से बाहर निकलने की परमिशन दी गई।
कांग्रेस-जजपा नेता भी पहुंचे धरने पर, काशी के अनशन को दिया समर्थन
बुधवार को पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के बेेटे एवं कांग्रेस नेता आनंदवीर गिल्लाखेड़ा, जननायक जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा सहित कई नेता भी काशी के अनशन पर पहुंचे और उन्हें अपना समर्थन दिया। इतना ही नहीं, इन नेताओं ने आंदोलनकारियों के साथ रोष मार्च में भी हिस्सा लिया।