नशे के खिलाफ धरना स्थल पर आराम करते प्रवीण काशी
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फतेहाबाद। चिट्टे और केमिकल के नशे के खिलाफ प्रवीन काशी के आमरण अनशन का वीरवार को आठवें दिन में प्रवेश कर गया। वीरवार को प्रवीन काशी के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई। नशे के खिलाफ सांकेतिक चक्का जाम की सूचना बुधवार रात को समाजसेवी अन्ना हजारे के पास पहुंची। अन्ना हजारे ने देर रात फोन पर प्रवीण काशी का हाल चाल लिया। चिट्टे और केमिकल के नशे पर जनता की आवाज को सरकार द्वारा अनसुना करने पर चक्का जाम को उचित ठहराया। अन्ना हजारे ने प्रवीन काशी से कहा कि धर्म की लड़ाई में अगर जेल जाना पड़े तो जेल भी जाओ। अन्ना हजारे ने बताया कि अभी उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं और वह अस्पताल में हैं लेकिन फिर भी अगर जनता को प्रताड़ित किया गया तो वह समर्थन देने वहां पहुंचेंगे।
महापंचायत में उठाएंगे ये मांग
काशी ने शुक्रवार को युवा पीढ़ी की महापंचायत बुलाई है। जिसमें युवाओं से आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया जाएगा। महापंचायत में आंदोलन के आगे की दशा और दिशा तय की जाएगी। महापंचायत में कॉलेज और एकेडमी के छात्र भी शामिल होंगे। साझा प्रयास के वरिष्ठतम समाजसेवी पूनम रती ने कहा कि आचार संहिता लगने वाली है, इससे पहले अगर सिरसा-फतेहाबाद में विशेष जोन बन गया तो हजारों युवाओं की जान बच जाएगी अन्यथा राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव में चिट्टा खूब बांटा जायेगा।
प्रशासन की तरफ से अनशनकारी प्रवीन काशी के स्वास्थ्य जांच के लिए आठ दिन बाद भी अभी तक डॉक्टर नहीं गए। पूनम रती, रिछपाल तरण, अनिता क्रांति, कृष्णा पूनिया, कूलबीर बेनीवाल, अंगद ढिंगसरा, मनदीप नथवान, इंद्रा ढिंगसरा, राजेश, राज कुमार, ममता, अमरपति, विमला, पूनीत ढिंगसरा शामिल हुए।