फतेहाबाद में युवाओं को मुक्के के पंच सिखाने के लिए 2 मई 2019 को द्रोणाचार्य बॉक्सिंग एंड फिटनेस क्लब की स्थापना हुई थी। मुक्केबाजी की इस खेल नर्सरी की शुरूआत अर्जुन अवार्डी एवं वर्तमान में सिवानी के डीएसपी जयभगवान ने स्थापित करवाया है और यहां पर कोच प्रदीप कुमार बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
मुक्केबाजी नर्सरी स्थापित होने के बाद से ही यहां पर मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लेने के लिए खिलाड़ी आने लगे हैं। फिलहाल इस अकादमी में 80 के करीब खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस नर्सरी राष्ट्रीय स्तर पर तीन महिला व छह पुरुष खिलाड़ी मेडल जीत चुके हैं। राज्य स्तर पर भी इस नर्सरी के मुक्केबाजों ने कई मेडल हासिल किए हैं। नर्सरी की खिलाड़ी निशा खेलो इंडिया में कांस्य व राज्य स्तर पर दो स्वर्ण व एक कांस्य पदक हासिल कर चुकी है। इसके अलावा इसी नर्सरी की खिलाड़ी सारा ने स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत तथा ट्विंकल ने स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत तथा राज्य स्तर पर एक रजत तथा एक कांस्य पदक हासिल किया है।
नर्सरी के विनीत ने ओपन नेशनल में रजत व राज्य स्तर पर दो स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसी नर्सरी के रितेश ने स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दो कांस्य पदक हासिल किए हैं। नर्सरी के अर्पित ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत व आदित्य ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में 2 कांस्य पदक हासिल किए हैं। अकादमी के निशांत ने डीएवी स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण, चिराग ने रजत, दरोगा ने रजत पदक हासिल किया है।
प्रतिक्रिया
फतेहाबाद जिले में पहले लड़कियों के लिए कोई ऐसा प्लेटफाॅर्म नहीं था, जिससे कि वह मुक्केबाजी में आगे आ सकें। जब से फतेहाबाद में द्रोणाचार्य अकादमी बनी है, हमारा भी मनोबल बढ़ा और यहां पर अच्छी मेहनत भी करवाई जाती है। अकादमी के बूते पर ही आज मेरा साई हिसार में चयन हुआ है।
-ट्विंकल, मुक्केबाज
जब से द्रोणाचार्य बॉक्सिंग नर्सरी में भाग लिया है, तब से मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है। कोच प्रदीप कुमार अच्छा प्रशिक्षण दे रहे हैं और अर्जुन अवाॅर्डी जयभगवान भी हमारा मनोबल बढ़ा रहे हैं।
-निशा, मुक्केबाज
मैं जब नर्सरी में आया था तो मेरा फिटनेस चेकअप किया गया। इसके बाद ही मुझे अकादमी में आने का मौका मिला। यहां पर बॉक्सिंग के लिए पूरा सैटअप है और हम हमारा अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम रहे हैं।
-विनीत, मुक्केबाज
फतेहाबाद में मुक्केबाजी के लिए कोई अच्छी नर्सरी नहीं थी। जब से यह नर्सरी खुली है, हमारा मनोबल बढ़ा और अब यहां पर प्रशिक्षण से हम मेडल लाने में कामयाब हो रहे हैं।
-आदित्य, मुक्केबाज
मुझे बचपन से ही बॉक्सिंग का शौक था। जब पता चला कि द्रोणाचार्य बॉक्सिंग अकादमी खुली है, तब से यहां पर प्रशिक्षण ले रहा हूं। अच्छा माहौल है और बच्चों को यहां पर सीखने के लिए बहुत कुछ मिल रहा है।
-अर्पित, मुक्केबाज
अधिकारी के अनुसार
अकादमी में बच्चों को हर प्रकार की सुविधा दी जाती है। दो रिंग बच्चों के लिए बनाए हुए हैं और इसके अलावा बच्चों की फिटनेस का पूरा ख्याल रखा जाता है, ताकि उनका स्टेमिना बना रहे। स्टेमिना रहेगा, तभी बच्चे मुक्केबाजी रिंग में अपती प्रतिभा दिखा सकते हैं।
-प्रदीप कुमार, कोच, द्रोणाचार्य बॉक्सिंग एवं फिटनेस नर्सरी
पढ़ाई के बाद भी बच्चों को सालों तक सरकारी नौकरी के लिए भटकना पड़ता है। सरकार अब खिलाड़ियों के लिए अनेक सुविधाएं लेकर आई हैं। उनको नौकरियां भी मिल रही हैं, इसलिए बच्चों को स्पोर्ट्स की ओर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
-जयभगवान, अर्जुन अवार्डी, अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एवं एशियन गेम पदक विजेता।