शक्करपुरा व रताथेह के रंगोई पुल पर पटरियों का निरीक्षण करते डीआरओ विरेंद्र भारद्वाज व अन्य अधिकारी।
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बाढ़ नियंत्रण अभियान के तहत डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज ने सिंचाई विभाग अधिकारियों के साथ रंगोई नाले का निरीक्षण कर बरसात के चलते पटरियों में हुए कटाव को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एक दिन पहले ही शक्करपुरा एवं रताथेह के ग्रामीणों ने डीआरओ से मिलकर रंगोई की कमजोर एवं संवेदनशील जगहों को मजबूत करने की मांग की थी। डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज बुधवार को हालात का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे थे। इस मौके पर उनके साथ कुलां के नायब तहसीलदार रमेश कुमार, सिंचाई विभाग के एसडीओ संदीप कुमार, जेई पवन नैन, पटवारी सुरेश कुमार व रंगोई मेट धर्मवीर सिंह भी मौजूद रहे।
बुधवार को डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज ने म्योंदकलां, शक्करपुरा, रताथेह व मामूपुर जोईया साईफन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रंगोई की उत्तर दिशा वाली कमजोर पटरी की मरम्मत करने व दोनों पटरियों में बरसात से आई दरारों को पाट कर रास्ता साफ करने और रंगोई की पटरी पर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए तूड़ी के कूप और बिटोड़ों को हटाने के सिंचाई विभाग अधिकारियों को निर्देश दिए। डीआरओ ने मामूपुर जोईया साईफन का जायजा लेते हुए उसकी सफाई का निरीक्षण भी किया।
चार गांवों के जल निकासी के लिए बनाया जाएगा नाला
डीआरओ विरेंद्र भारद्वाज ने गांव ढ़ेर, कानाखेड़ा, लखुवाली ढाणी व ललूवाल के कई एकड़ खेतों में भरे वर्षा के पानी की भविष्य में निकासी करने के लिए काना खेड़ा से शक्करपुरा जाने वाले बंद पड़े रास्ते को खोल कर उसमें नाला बनाने की मंजूरी भी दी। इससे पानी की निकासी रंगोई में बहाल की जाएगी।