नवनियुक्त रोडवेज महाप्रबंधक ने बुधवार सुबह बसों की चेकिंग की। निरीक्षण के दौरान रोहतक डिपो बस का ड्राइवर वर्दी में नहीं मिला और कंडक्टर के पास रसीद बुक नहीं मिली। महाप्रबंधक धनराज कुंडू ने दोनों का चालान कर दिया। इसके अलावा जिन बसों में खामियां मिलीं, उनके कंडक्टरों और ड्राइवरों को चेतावनी दी। रोडवेज महाप्रबंधक ने फतेहाबाद डिपो परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियां दूर करने के लिए कर्मचारियों को निर्देश भी दिए।
परिचालकों को खुले सिक्के उपलब्ध करवाएगा विभाग
रोडवेज बस परिचालकों के पास अब खुले सिक्के न होने का बहाना नहीं रहेगा। क्योंकि विभाग सभी परिचालकों को बैंकों से खुले सिक्के उपलब्ध करवाएगा। महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सवारी परिचालक से खुले सिक्कों की जगह टॉफी न ले। महाप्रबंधक ने भी माना है कि खुले पैसों के चक्कर में टॉफी देकर कंडक्टर फायदा उठाते हैं।
40 ड्राइवरों का टोटा, ट्रेनिंग बसों से ड्राइवरों की होगी वापसी
रोडवेज डिपो के ड्राइवरों की अब ट्रेनिंग बसों से वापसी होगी। इन बसों पर अब विभाग के रिटायर्ड ड्राइवर, पैरामिलिट्री से रिटायर्ड ड्राइवरों को रखा जाएगा जो प्रशिक्षण देंगे। विभाग ने ट्रेनिंग बसों के लिए 15 ड्राइवर रखेगा। इसके बाद ट्रेनिंग बसों को दो शिफ्टों में चलाया जाएगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल एक शिफ्ट चल रही है जिसमें विभाग के सात ड्राइवर ड्यूटी दे रहे हैं। फतेहाबाद डिपो में 238 ड्राइवरों के पद हैं, जिसमें 40 पद खाली हैं।
प्रदेश की 150 बसों में लगेंगे कैमरे
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश की 150 रोडवेज बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें कुछ जिलों को शामिल किया जाएगा। अगर पायलट प्रोजेक्ट कामयाब रहा तो सभी बसों को शामिल किया जाएगा।
धनराज कुंडू, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो