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Fatehabad News: गांवों के विकास को जिला परिषद की बैठक की दरकार

Mon, 28 Oct 2024 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। जिले में जिला परिषद का गठन हुए पूरे दो साल का समय होने वाला है। इन दो सालों में गांवों में विकास कार्य रफ्तार नहीं पकड़ सके हैं। इस साल के 10 महीनों में सिर्फ एक बार ही जिला पार्षद के हाउस की बैठक हो पाई है।
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विशेष बात यह है कि इसी साल प्रदेश सरकार ने जिला परिषदों की शक्तियाें को बढ़ाते हुए मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों से लेकर पीएचसी के भवनों की मरम्मत तक का काम सौंपा है। मगर नियमित रूप से बैठक नहीं होने के चलते विकास कार्यों की गति नहीं बढ़ पा रहे हैं। बता दें कि इसी साल 17 फरवरी को पिछली बैठक हुई थी। उसमें पिछली बैठक में पास किए गए कार्यों को लेकर समीक्षा की गई।
इसके बाद लोकसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता लग गई थी, जिस कारण बैठक नहीं हो सकी। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद जून माह में आचार संहिता हटी। लेकिन फिर से कुछ माह बाद विधानसभा चुनावों में जनप्रतिनिधि व्यस्त हो गए और अगस्त माह में फिर से आचार संहिता लग गई।
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हर माह में होनी चाहिए एक बैठक
नियमानुसार जिला परिषद हाउस को एक महीने में एक बार बैठक बुलानी होती है। मगर ऐसा नहीं हो पा रहा है। जिस कारण गांव में होने वाले विकास कार्य रुके हुए हैं। जिला परिषद हाउस की बैठक बुलाने का अधिकार सिर्फ अध्यक्ष के पास होता है। इसलिए पार्षद भी सिर्फ मांग करके रह जाते हैं। पार्षदों का मानना है कि अगर हर महीने बैठक हो तो अच्छे तरीके से ग्रामीण विकास की योजनाएं सिरे चढ़ सकती हैं। काम नहीं करने वाले अधिकारियों से जवाब भी मांगे जा सकते हैं।

जिला परिषद के ये रुके काम
जिला परिषद द्वारा जिले के कई गांवों में फिरनी बनाने का काम बैठक में पास किया गया था। मगर यह काम अभी भी अटका हुआ है। वहीं जिला परिषद द्वारा पूर्व पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली की अध्यक्षता में गांव में जिम व लाइब्रेरी बनाने का काम पास किया हुआ था। कई गांव में जिम व लाइब्रेरी का काम भी अधर में है। जिले के गांवों में सामुदायिक केंद्र बनाने का काम भी जिला परिषद द्वारा पास किए गए हैं, उन कार्यों को भी गति नहीं मिल सकी है। मार्केटिंग बोर्ड की 80 सड़कों का निर्माण भी जिला परिषद के जरिए होना था, लेकिन वह प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में हैं।
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जल्द होनी चाहिए बैठक : गढ़वाल
जिला परिषद में हाउस की बैठक हर माह होनी चाहिए, ताकि विकास कार्य तेजी से हो सकें। बैठक बुलाने की पावर चेयरपर्सन के पास है। बैठक बुलाने के लिए बात की थी, दिवाली के बाद बैठक होने की पूरी उम्मीद है।
-रमेश बंटी गढ़वाल, जिला पार्षद, वार्ड 7
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विकास कार्य रुके हुए हैं : सिवाच
बैठक नहीं होने से काफी काम रुके हुए हैं। बैठक होने पर इन कामों को लेकर समीक्षा भी की जाएगी। अगर बैठक नियमित रूप से होगी तो गांवों में होने वाले विकास कार्य भी जल्द होंगे। वहीं गांव के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सकेगा।
-सुमन सिवाच, जिला पार्षद, वार्ड 13
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दिवाली से पहले बैठक करने का विचार हुआ था, लेकिन धान का सीजन होने व त्योहारी सीजन के कारण बैठक नहीं हो पाई। अब दिवाली के बाद बैठक बुलाई जाएगी। जो काम रुके हुए हैं, उन कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।
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- सुमन सुभाष खिचड़, चेयरपर्सन, जिला परिषद, फतेहाबाद
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