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Fatehabad News: जिले में लगातार तीन दिन डीएपी खाद का वितरण, फिर भी किसानों की मांग पूरी नहीं

Sat, 09 Nov 2024 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। रबी फसलों की बिजाई का काम जोरों पर है। ऐसे में पिछले करीब डेढ़ माह से डीएपी खाद की मांग की बढ़ोतरी हो रही है। किसानों को केंद्रों पर खाद लेने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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वहीं, इस बार खाद की कमी के चलते जिले के कुछ किसानों ने सितंबर माह में ही डीएपी खाद का स्टॉक कर लिया था। वहीं कुछ किसानों को अभी तक भी खाद नहीं मिल सकी है। खाद के रैक लगने की सूचना मिलने पर किसानों सुबह चार बजे ही लाइनों में लग जाते हैं। उसके बाद उनको मात्र दो या तीन बैग ही मिल रहे हैं।
बता दें कि जिले में कुल 25,000 मीट्रिक टन डीएपी खाद की मांग है। जिसमें से अभी तक जिले में कुल 20,000 मीट्रिक टन का खाद का वितरण हो चुका है। वहीं जिले में पिछले तीन दिनों में 70,000 से अधिक बैगों का वितरण किया जा चुका है। ऐसे में अभी तक 80 फीसदी खाद की पूर्ति पूरी हो चुकी है। लेकिन फिर भी रबी की फसलों की बिजाई का काम पूरा नहीं हो सका है।
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फतेहाबाद के इफको खाद केंद्र में खाद की सूचना पाकर पहुंचे किसान शंकर लाल, गुरप्रीत, राजेंद्र, श्याम लाल, श्रवण और सतपाल आदि ने बताया कि जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार खाद मिल रही है। लेकिन दिनभर लाइन में लगने के बाद किसानों को मात्र दो-तीन बैग ही खाद मिल रही है। वहीं शुक्रवार को इफको खाद केंद्र पर मात्र दो-दो डीएपी के बैगों का वितरण हुआ है।


वीरवार को इफको खाद केंद्र के बाहर लाइन में लगा था, लेकिन समय ज्यादा होने के कारण मुझे टोकन नंबर दे दिया गया। शुक्रवार को भी करीब तीन घंटे तक लाइन में लगने के बाद मात्र दो बैग डीएपी खाद मिल सकी है, जो कि अपर्याप्त है। ऐसे में मुझे अभी भी खाद के अगले रैक का लगने का इंतजार करना होगा।
-श्याम लाल, किसान, गांव शहीदावाली।

मुझे 6 बैग डीएपी खाद की जरूरत है। जिसके लिए में खाद केंद्र के चक्कर लगा रहा हूं। बुधवार को मुझे 3 बैग डीएपी मिले थे। वहीं शुक्रवार को मात्र दो बैग डीएपी खाद मिल सकी है। ऐसे में मुझे जरूरत के अनुसार अभी पूरी खाद नहीं मिल सकी है।
राजेंद्र, किसान, गांव खजूरी जाटी।
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मुझे 25 एकड़ में गेहूं की बिजाई करनी है। जिसके लिए खाद केंद्रों पर चक्कर लगा रहा हूं। मुझे अभी एक भी बैग डीएपी खाद नहीं मिल सकी है। सरकार को रबी की फसलों की बिजाई शुरू होने से पहले खाद का स्टॉक करवा लेना चाहिए था। ताकि किसानों को अपने खेत का काम छोड़कर लाइनों में न लगना पड़े।
गुरप्रीत सिंह, किसान, गांव खुनन।
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मुझे मात्र दो बैग डीएपी खाद की जरूरत है। जिसके लिए मैं पिछले 15 दिनों से खाद केंद्रों के चक्कर लगा रहा हूं। शुक्रवार को भी लंबे इंतजार के बाद मुझे डीएपी खाद मिली है।
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-शंकर लाल, किसान, गांव मताना।
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