भूना। रामलीला ग्राउंड में विवादित 4 कनाल 16 मरले जमीन को एसडीएम के निर्देश पर नगर पालिका सचिव ने वीरवार को सील कर दिया। उपरोक्त जमीन पर रामा कृष्णा कला मंच वर्ष 1952 से रामलीला का मंचन कर रही है। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग के लोग दो कमरे उनके समाज के लिए सरकार द्वारा दिए जाने का दावा कर रहे हैं।
उपमंडल मजिस्ट्रेट डॉक्टर जयवीर यादव ने बताया है कि भूना में 4 कनाल 16 मरले जमीन पर दो पक्षों द्वारा दावा किया जा रहा है। दोनों ही पक्षों के पास संबंधित दस्तावेज, साक्ष्य व रिकॉर्ड नहीं है। दोनों पक्षों द्वारा इस जमीन व भवन को लेकर दावे व कब्जा को लेकर तनाव की स्थिति बन रही थी। इसलिए कानून व्यवस्था को बिगडने से रोकने, किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने से बचाने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विवादित भूमि पर धारा 164 बीएनएसएस तथा 165 बीएनएसएस के तहत सचिव नगरपालिका भूना को जमीन का रिसीवर नियुक्त किया गया है।
उपमंडल मजिस्ट्रेट ने सचिव नगरपालिका भूना को विवादित जमीन पर कब्जा लेने के आदेश जारी किए हैं। उपमंडल मजिस्ट्रेट ने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी सूरत में माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। कानून व्यवस्था खराब ना हो इसलिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष प्रबंध किए गए।
1952 से हो रहा रामलीला का मंचन
रामलीला कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया रामलीला कमेटी के संस्थापक जगन्नाथ सेठी, जीवन दास परवाना, मांगाराम कंबोज, सदानंद चुध, जय दयाल गिरधर,सुंदर हंस आदि कई प्रमुख लोगों के नेतृत्व में वर्ष 1952 से लगातार प्रतिवर्ष रामलीला का मंचन हो रहा है। रामा कृष्णा कला मंच ने उपरोक्त जगह पर लाखों रुपये लगाकर निर्माण किया हुआ है और रामलीला करने वाले कलाकारों का पूरा सामान भवन के अंदर है। प्रशासन ने रातों-रात रामा कृष्णा कला मंच की संपत्ति को सील बंद करने का फरमान देकर हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया है।