फतेहाबाद। रतिया के शदीद देवेंद्र सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय के इंचार्ज यानि कार्यवाहक प्रिंसिपल पर कॉलेज के ही स्टाफ ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि इंचार्ज महिला स्टाफ को बुलाकर उनके पहनावे पर टिप्पणी करते हैं।
शिकायत आने के बाद जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी डॉ. सज्जन सिंह ने महाविद्यालय प्रशासन से 21 फरवरी के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य मांगे हैं। इसके अलावा शिकायत की कॉपी निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग को भी भेजी गई है। वहीं इस मामले में राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया और उपायुक्त डॉ. विवेक भारती से 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।
हालांकि मंगलवार शाम तक इस बारे में जिला प्रशासन की तरफ से जांच के लिए कमेटी का गठन नहीं हुआ है। उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार मुख्यालय से भी जांच के लिए कमेटी का गठन हो सकता है।
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शिकायत में 19 स्टाफ सदस्यों के हस्ताक्षर
कॉलेज स्टाफ की तरफ से निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग के नाम शिकायत लिखी गई है। इसके अलावा शिकायत की कॉपी उपायुक्त, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी और एसडीएम रतिया को भेजी गई है। शिकायत कॉपी पर 19 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इनमें 4 एसोसिएट प्रोफेसर, 7 एक्सटेंशन लेक्चरर और 8 नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्य शामिल हैं। इनमें 8 महिलाएं भी हैं। शिकायत में आरोप है कि इंचार्ज महिला स्टाफ के पहनावे पर टिप्पणियां करते हैं। इसके अलावा कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण बना दिया गया है, इससे कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। शिकायत में स्टाफ सदस्यों ने आरोप लगाया है कि महिला कर्मचारियों को कार्यालय में अकेले बुलाया जाता है, जिससे वे असहज महसूस करती हैं।
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स्टाफ बोला- पहले से प्रताड़ित हो रहे
कॉलेज स्टाफ का आरोप है कि काफी समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। पहले यह सोचकर रुक जाते थे कि ये एक महिला महाविद्यालय है। अगर ऐसी चीजें बाहर जाएंगी तो कॉलेज का नाम खराब होगा और एडमिशन भी प्रभावित होंगे। अगर महिला स्टाफ सदस्यों के साथ ऐसा होगा तो अभिभावक अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए यहा नहीं भेजेंगे। जब महिला कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है, तो बच्चियां कैसे सुरक्षित रहेंगी। शिकायत में आरोप है कि कार्यकारी प्रिंसिपल ने महिला सफाई कर्मचारी को सफाई करने के बहाने अकेले बुलाया। इस दौरान सफाईकर्मी के साथ गलत व्यवहार किया गया।
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महाविद्यालय प्रशासन से 21 फरवरी के सीसीटीवी फुटेज मांगे गए हैं। इसके अलावा अन्य साक्ष्य पेश करने के लिए कहा गया है। शिकायत उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। मुख्यालय से ही जांच के लिए कमेटी का गठन होगा।
-डॉ. सज्जन सिंह, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी
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काम के दबाव की वजह से आरोप लगाए जा रहे हैं। सभी आरोप गलत हैं, ऐसी कोई बात नहीं है। आवेश में आकर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
-परमजीत संधा, कार्यवाहक प्रिंसिपल