फतेहाबाद। सावन माह की शिवरात्रि का पर्व शुक्रवार को जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों व शिवालयों में दिनभर बम-बम भोले, ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव के जयघोष लगते रहे। शहर के रतिया चुंगी पर स्थित महाकालेश्वर मंदिर, जीटी रोड पर स्थित दुर्गा मंदिर, मेन बाजार रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, डीएसपी रोड पर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर समेत शहर में 15 मंदिरों में शिव भक्त सूर्योदय के साथ ही शिवालयों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक शुरू कर दिया था।
जिले में शुक्रवार को सावन माह की शिवरात्रि का पर्व धूमधाम और भक्तिभाव से मनाया गया। मंंदिरों में पुजारी के साथ भक्तों ने शिवलिंग पर महामृत्युंजय मंत्र जाप, मंत्रोच्चारण तथा विधि-विधानुसार बोले तेरी बम बम-बम बोले और ओम नम: शिवाय के जयघोषों के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक व रुद्राभिषेक किया। प्रात:काल से ही शिवभक्तों ने शिवलिंग पर कच्चा दूध, धतुरा, भांग, दही, गंगाजल व बेल के पत्तों, फल-फूल से भगवान शिव की पूजा अर्चना करके सुख-समृद्धि की कामना की। शिवभक्तों ने हरिद्वार से लाई कांवड़ का पूजन कर जलाभिषेक व रुद्राभिषेक किया।
शिवजी को पाने के लिए माता पार्वती ने की घोर तपस्या : पुजारी
शिवरात्रि पर्व पर श्रीदुर्गा मंदिर में प्रवचन देते हुए पुजारी महेंद्र प्रसाद ने कहा कि शिव पुराण हिंदू धर्म के 18 पुराणों में एक है। 18 पुराणों की सूची में यह चौथे नंबर पर है। साथ ही शिव पुराण में भगवान शिव और माता पार्वती की गाथा के बारे में भी बतलाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में ऐसा कोई मनुष्य नहीं है जो दुखी न हो लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है कि हम भगवान का स्मरण करना ही छोड़ दें। भगवान का नाम स्मरण करने मात्र से हर एक विषम परिस्थिति को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन ही शिव में लीन हो जाना है।