जिले में सालोंसाल तक एकमात्र इंडस्ट्रीज के रूप में काबिज रही भूना शुगर मिल पर प्रदेश सरकार के दो सबसे बड़े स्तंभ आमने-सामने आ खड़े हुए हैं। कुछ दिन पहले रतिया में पहुंचे सीएम मनोहर लाल ने दो टूक जवाब देते हुए कहा था कि भूना शुगर मिल का चैप्टर बंद हो गया है क्योंकि पिछली सरकार ने इसे बेच दिया था। अब प्राइवेट पार्टी इस पर चाहे शुगर मिल चलाए या कोई और प्रॉपर्टी, ये उनकी इच्छा है लेकिन सोमवार को जांडलीकलां पहुंचे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भूना क्षेत्र के गन्ना किसानों को उम्मीद की किरण दिखाई है।
जांडलीकलां में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब भूना शुगर मिल से संबंधित सवाल डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से पूछा गया तो कहा कि भूना शुगर मिल को बेचने के समझौते में ये बात कही गई थी कि प्राइवेट फर्म यहां पर शुगर मिल चलाएगी। लेकिन उस फर्म ने ऐसा नहीं किया। डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया है और कोर्ट में भी इस बारे में चर्चा हुई है। दुष्यंत ने कहा कि वे सकारात्मक हैं कि ये जमीन सरकार वापिस लेगी और वहां पर कहीं न कहीं इंडस्ट्रीज को डायवर्ट करेगी।
इस अवसर पर जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सरदार निशान सिंह, टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली, सुरेंद्र लेगा, पूर्व चेयरमैन होशियार सिंह ढिल्लों, राजेंद्र सिंह बिल्ला, युवा नेता विकास मेहता, मनोज बबली, कामरेड भूपेंद्र सिंह, जांडलीकलां के पूर्व सरपंच प्रताप सिंह, दलबीर सिंह, रामस्वरूप मंडेरणा, सुरेश कुमार भैरो, नंबरदार रमेश कुमार, वजीर सिंह, बसाऊ राम, नंबरदार मांगेराम, एसडीएम संजय बिश्नोई, तहसीलदार विजय कुमार, डीपीआरओ आत्माराम, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी महेंद्र सिंह नेहरा,एसईपीओ नरेंद्र सिंह कुंडू, विजय कुमार कमांडो, गोपाला राम, खैराती लाल छोकरा, जीत सिंह जांडली, सतबीर सिंह जागलान, बिट्टू मुंजाल, नत्थू राम दहिया आदि मौजूद रहे।