फतेहाबाद। सरकारी कर्मचारियों की तरह राशन डिपो संचालकों की उम्र 60 साल से अधिक होने पर उनको सरकार रिटायरमेंट दे रही है। जिले में भी ऐसे कई राशन डिपो धारक हैं, जिनकी उम्र 60 साल से पार हो गई है। ऐसे में इन राशन डिपो धारकों के सामने आर्थिक तंगी की परेशानी आ गई है। वहीं राशन डिपो यूनियन ने इसके लिए सरकार से बात की है। उनका कहना है कि सरकार इस मामले में कोई नया फैसला ले सकती है।
फतेहाबाद जिले में इस समय 366 राशन डिपो हैं और वह 1 लाख 86 हजार 57 कार्ड धारकों को राशन वितरित कर रहे हैं। राशन वितरण की सुविधा हर राशन डिपो पर कार्ड धारकों को मिल रही है। इस बीच सरकार ने पिछले साल फैसला लिया था कि सरकारी कर्मियों की तरह राशन डिपो भी 60 की उम्र में रिटायर होंगे। इसे लेकर सरकार ने पॉलिसी बनाई है। इसके तहत 60 साल की उम्र वाले डिपो संचालक रिटायर होने प्रस्तावित हैं। क्योंकि पहली बार इस तरह की पॉलिसी बनाई है, इसलिए इनमें 70 साल व इससे अधिक आयु तक के डिपो संचालक भी शामिल हैं, लेकिन डिपो संचालक सरकार के इस फैसले से नाराज हैं।
फतेहाबाद में 85 के करीब राशन डिपो संचालक 60 पार
फतेहाबाद में जून माह तक 45 राशन डिपो संचालक 60 की उम्र को पार कर गए थे। अब इनकी संख्या 85 तक पहुंच गई है। सरकारी आदेशों के तहत इन पर अब डिपो छोड़ने की तलवार लटक गई है। हालांकि अभी तक किसी ने डिपो नहीं छोड़ा है और फेयर प्राइस शॉप वेलफेयर एसोसिएशन ने इसके लिए सरकार को ज्ञापन भी दिया हुआ है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही सरकार इस पर सकारात्मक फैसला लेगी।
कोट
हमने 60 साल की उम्र पार करने वाले डिपो संचालकों के लिए सरकार को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें मांग की गई है कि या तो डिपो संचालकाें को आगे राशन डिपो चलाने दिया जाए, अन्यथा उनको 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए। सरकार ने उनकी मांग पर विचार करने की बात कही थी और एक या दो दिन में फैसला आ सकता है।
शीशपाल गोदारा, प्रदेशाध्यक्ष, फेयर प्राइस शॉप वेलफेयर एसोसिएशन फतेहाबाद।