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डेंगू पर कागजी हैं अफसरी दावे, तीन साल में 10 हजार लोगों को दिए लार्वा का नोटिस, एक भी नहीं काटा चालान

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जिले में एक स्थान पर डेंगू के लार्वा को नष्ट करते स्वास्थ्यकर्मी। फाइल फोटो - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तीन साल में लारवा मिलने पर 10 हजार लोगों को नोटिस दिए गए लेकिन एक का भी चालान नहीं काटा गया। अब मामला खुला है तो अफसरों को इसका जवाब नहीं सूझ रहा है। खुद स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन एवं डेंगू मामलों के नोडल अधिकारी डॉ. हनुमान ने एक भी चालान ना काटे जाने की पुष्टि की है।
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फतेहाबाद स्वास्थ्य विभाग ने इस साल अभी तक दो हजार से अधिक लोगों को डेंगू लारवा मिलने के नोटिस थमा दिए हैं। इसमें निजी प्रतिष्ठानों, निवास के अलावा अनेक सरकारी दफ्तर भी शामिल हैं। इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग ने साल 2017 और 18 तक जिलेभर में कुल 8 हजार 90 लोगों को डेंगू का लारवा मिलने पर नोटिस दिए हैं। लेकिन अभी तक पिछले तीन साल में एक भी व्यक्ति का चालान नहीं काटा गया है। फतेहाबाद जिले में इस साल अब तक डेंगू के औपचारिक तौर पर कुल 7-8 मामले सामने आए हैं, हालांकि अनौपचारिक आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में तो हाल ही बड़ोपल निवासी युवक मोहित का नाम भी दर्ज नहीं है जिसकी मौत डेंगू के चलते हुई है।
दोबारा जांच में मिले लारवा तो कटता है चालान, लेकिन अफसरों ने नहीं की री-विजिट
नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान के अनुसार यदि किसी के घर में पहली बार डेंगू का लारवा मिलता है तो उसे नोटिस दिया जाता है। इसके बाद अगर टीम दूसरी बार चेक करने के लिए जाती है और उसी घर में दोबारा लार्वा पाया जाता है जिसे पहले नोटिस जारी हो चुका है तो उस स्थिति में उसका चालान काटा जाता है। लेकिन पिछले तीन सालों में एक भी चालान नहीं काटा गया है तो इसका सीधा से अर्थ यही निकलेगा कि विभाग के अधिकारियों को लारवा मिलने की जगह पर री-विजिट करने का मौका ही नहीं मिला।
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पिछले तीन सालों में तीन बार मिल चुका है लघु सचिवालय व टोहाना नगर परिषद में लारवा
विभाग की टीम द्वारा पिछले साल की गई डेंगू के लारवे की चेकिंग के दौरान फतेहाबाद के लघु सचिवालय के कई दफ्तरों, यहां तक कि डीसी ऑफिस में भी डेंगू का लार्वा पाया गया था। इतना ही नहीं टोहाना के नगर परिषद भवन में भी अधिकारियों के कूलर में डेंगू का लार्वा मिला था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस भी दिया था लेकिन अबतक दोबारा चेकिंग नहीं की गई। हैरत की बात तो ये है कि इस बार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लघुसचिवालय एवं डीसी दफ्तर के कार्यालयों में कोई जांच पड़ताल ही नहीं की।
पिछले पांच साल में डेंगू के मरीजों की घटती-बढ़ती संख्या
साल डेंगू के मरीज
2015 189
2016 57
2017 419
2018 07
2019 7-8
विशेष अभियान से कम हुए डेंगू के आंकड़े : डॉ. हनुमान
डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान ने बताया कि पिछले साल से सबक लेते हुए पिछले दो साल से विभाग ने सक्षम युवाओं व एमपीएचडब्लयू की 60 सदस्यों से अधिक की टीम को जागरूकता अभियान में भेज रखा था। इसके अलावा लोगों से भी बार बार अपील की गई थी कि वे डेंगू की आशंका होने पर केवल नागरिक अस्पताल में ही टेस्ट करवाएं। स्वास्थ्य विभाग के जबरदस्त कार्य के कारण विभाग को पिछले दो साल से डेंगू को रोकने में कामयाबी मिली है। जहां तक नोटिस की बात है, हमारी प्राथमिकता डेंगू के मरीजों की संख्या रोकने की थी, जिसपर हम कामयाबी हासिल कर चुके हैं। लोगों को और जागरूक करेंगे ताकि नोटिस आदि की जरूरत भी ना पड़े
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डेंगू बुखार के लक्षण
1. तीव्र बुखार आना
2. सिर के अगले हिस्से में दर्द होना
3. जोड़ों में दर्द
4. भूख कम लगना व उल्टियां आना
5. आंखों के पिछले भाग में तेज दर्द होना
ये रखे सावधानियां
1. किसी भी बर्तन में पानी सात दिन से ज्यादा न रखें
2. बुखार होने पर केवल पारासिटामोल गोली ही खाएं
3. अपने शरीर को ढक कर रखें
4. घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें ताकि डेंगू का मच्छर पैदा न हो सके
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